नई दिल्ली : देश में एक बार फिर से कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने से लोगों को डर लगने लगा है। दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में कोरोना धीरे-धीरे तेजी गती से वापसी कर रहा है। दिल्ली, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। दिल्ली, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में कोरोना के नए मामले दर्ज होने से चिंता बढ़ गई है। दिल्ली में तीन साल में पहली बार कोरोना वायरस के मामले एक दिन में लगभग 2 दर्जन आए है। कोरोना सें संक्रमित ज़्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण हैं, जो चिंता की बात नहीं है। संक्रमित मरीज के मौत की खबर नहीं है।
कोरोना के JN.1 वैरिएंट से संक्रमित मरीजों में लक्षण आमतौर पर ज्यादा खतरनाक नहीं है। संक्रमित व्यक्ति 5 दिनों के भीतर ठीक हो जाता है और ज्यादा समय लगने पर चिंता का विषय है। सामान्य लक्षणों में बुखार, नाक बहना, गले में खराश, सिरदर्द, थकान, थकावट होती है। दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले सामने आए हैं, जिसके बाद सरकार ने अस्पतालों को बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, टेस्टिंग किट और वैक्सीन की उपलब्धता बनाए रखने का निर्देश दिया है।
मई में केरल में सबसे ज्यादा 270 संक्रमित मिले हैं। जिसके चलते स्वास्थ्य मंत्री ने निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है। अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य करते हुए खांसी के लक्षण वाले लोगों को चेहरे को ढकने की सलाह दी है। मुंबई में 95 मामले सामने आने के सावधानी रखने के लिए कहा है। दुनिया भर में JN-1 वेरियंट से केस बढ़ने की ख़बर आ रही है लेकिन भारत में अभी इसका असर बहुत कम है। JN-1 वेरियंट से मौत नहीं हो रही है जो राहत की बात है। लेकिन बच्चों, बुजुर्ग और गर्भवती महिला महिलाओं को ज्यादा सावधानी रखने की जरूरत है।











Discussion about this post