सहारनपुर। नानौता थाना क्षेत्र में 27 मई को हुई युवक तौसीक की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक हत्या की साजिश एक पुराने मुकदमे में खुद को बचाने और दूसरे को फंसाने के मकसद से रची गई थी। वारदात में इस्तेमाल दाव, डंडा और बाइक को भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
एसपी देहात सागर जैन ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता कर बताया कि ग्राम माधोपुर निवासी जाबिर की तहरीर पर थाना नानौता में उसके बेटे तौसीक की हत्या को लेकर नसीम समेत पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ था। इस मामले की जांच में पुलिस को असली हत्यारों का पता चला।
नानौता प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार और उनकी टीम ने मुखबिर की सूचना पर संगम नहर घाट से तीन आरोपियों—सलीम पुत्र शब्बीर (माधोपुर, नानौता), नजाकत पुत्र नयामत (मुहम्मदी गंज, जलालाबाद, शामली) और हुसैन पुत्र राफा (बिराल, बुढ़ाना, मुजफ्फरनगर)—को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दाव, डंडा और बाइक भी बरामद की गई।
पूछताछ में सलीम ने बताया कि तौसीक और उसके खिलाफ कोर्ट में एक मामला चल रहा था, जिसका वादी गांव का ही नसीम था। सलीम को आशंका थी कि वह केस हार सकता है, इसलिए उसने साजिश रची कि तौसीक की हत्या कर दी जाए और हत्या का इल्जाम नसीम व उसके परिवार पर लगाकर उन्हें जेल भिजवा दिया जाए, जिससे केस से दबाव बनाकर वह बच सके।
इसके लिए सलीम ने जलालाबाद (शामली) में अपने होटल में काम करने वाले साथी हुसैन और नजाकत को साथ लिया। तीनों ने मिलकर योजना बनाई और 27 मई को बाइक से माधोपुर पहुंचे। तौसीक को व्हाट्सएप कॉल कर माधोपुर रजवाहा बुलाया गया। वहां पहुंचने पर नजाकत ने डंडे से तौसीक के सिर पर वार किया और सलीम ने पीछे से दाव मार दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शव को सड़क किनारे गिरा दिया और हथियारों को पास की झाड़ियों में छिपा दिया गया।
पुलिस ने हत्या की साजिश से लेकर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया।











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