मुज़फ्फरनगर। रुड़की रोड स्थित एकता विहार कॉलोनी में निर्माणाधीन गेट को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले दिनों भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने नगर पालिका कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया था। अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद प्रदर्शन तो खत्म हो गया, लेकिन विवाद अभी भी जारी है।
गुरुवार को कॉलोनीवासी और भाकियू तोमर के युवा प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर ने सिटी मजिस्ट्रेट पंकज कुमार राठौर और सीओ सिटी राजू कुमार साव से मुलाकात कर गेट को हटाने की मांग दोहराई। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि वे हाल ही में मुजफ्फरनगर में नियुक्त हुए हैं और पूरे प्रकरण की जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
एकता विहार के निवासी रणजीत सिंह ने बताया कि गेट पूरी तरह अवैध है। स्थानीय लोगों को यह बताया गया था कि गेट नगर पालिका द्वारा बनवाया जा रहा है, जबकि हकीकत में यह कुछ लोगों द्वारा चंदा इकट्ठा कर बनवाया गया है। उन्होंने कहा कि गेट बनने से कॉलोनी की 25 फुट चौड़ी सड़क अब सिर्फ 11 फुट रह गई है, जिससे स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने में दिक्कत और बड़ी गाड़ियों का प्रवेश असंभव हो गया है।
सभासद पति प्रमोद कुमार ने इस मामले में कहा कि अधिकांश कॉलोनीवासियों ने लेटरपैड पर गेट निर्माण के लिए सहमति दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बाहरी लोग जान से मारने की धमकी देकर क्षेत्र में अशांति फैलाने और भाईचारा खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध करने वाले लोग कॉलोनी के निवासी नहीं हैं।
भाकियू युवा नेता अंकित गुर्जर ने बताया कि नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी द्वारा वार्ड सभासद को तीन नोटिस जारी किए गए थे, जिनका कोई जवाब नहीं मिला। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष ने हाल ही में बयान दिया कि वह गेट का समर्थन करती हैं और उसे हटाया नहीं जाएगा।
कॉलोनीवासी गेट को अवैध, असुविधाजनक और जनविरोधी बताते हुए इसे तुरंत हटाए जाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक प्रशासन निष्पक्ष जांच नहीं करता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।










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