प्रयागराज। भीम आर्मी चीफ एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर को प्रयागराज में रोके जाने के बाद जमकर बवाल हो गया। कार्यकर्ताओं ने जमकर उत्पात मचाया। वाहनों में आग लगा दी। पुलिस गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। चंद्रशेखर को हाउस अरेस्ट किए जाने के विरोध में करीब 5000 भीम कार्यकर्ताओं ने बवाल काटा। पथराव से भगदड़ मच गई, जिससे 15 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने 17 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है।
चंद्रशेखर को रोके जाने के बाद करछना थाना क्षेत्र में भाड़ेवरा बाजार और इसौटा गांव में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने जमकर बवाल किया। करीब 5 हजार कार्यकर्ताओं ने सड़क पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया। चक्का जाम खुलवाने पहुंची पुलिस के ऊपर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने पथराव कर दिया। पथराव से कई पुलिस कर्मी और लोग घायल हुए हैं। उग्र भीम आर्मी के लोगों ने डायल-112 की गाड़ी को तोड़ डाला। इसके आलवा स्कार्पियो को भी क्षतिग्रस्त किया गया। यही नहीं कवरेज कर रहे पत्रकारों के ऊपर भी हमला किया गया।
बता दें कि 13 अप्रैल को अनुसूचित जाति के 35 वर्षीय देवी शंकर की हत्या और शव जलाने की घटना के बाद नगीना सांसद चंद्रशेखर पीड़ित परिवार से मिलने रविवार को पहुंचे थे। प्रशासन ने उन्हें सर्किट हाउस में रोक लिया, जिससे नाराज कार्यकर्ता रविवार शाम चार बजे हनुमानपुर मोरी पर करछना-कोहड़ार मार्ग पर जमा हो गए। पुलिस के रोकने पर कार्यकर्ताओं ने पुलिस की चार गाड़ियों, एक निजी बस और राहगीरों की 10 गाड़ियों में तोड़फोड़ किया।
हनुमानपुर मोरी से भड़ेवरा बाजार तक दुकानदारों पर हमला, मारपीट और महिलाओं के साथ अभद्रता की घटनाएं सामने आईं। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि तहसील प्रशासन ने आवासीय और कृषि पट्टा नहीं दिया, जबकि तहसीलदार ने 200 वर्ग मीटर आवासीय और 11 बीघा कृषि पट्टा आवंटित होने की पुष्टि की। भारी पुलिस बल की मदद करीब 5 घंटे में स्थिति नियंत्रण में हुई।











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