मुजफ्फरनगर। जनपद के बघरा स्थित योग साधना यशवीर आश्रम में शनिवार को ‘घर वापसी’ का एक बड़ा कार्यक्रम संपन्न हुआ। हापुड़ जनपद से आए एक मुस्लिम परिवार के सभी छह सदस्यों ने इस्लाम त्याग कर स्वेच्छा से सनातन धर्म स्वीकार कर लिया। आश्रम के पीठाधीश्वर और प्रखर सनातन प्रचारक स्वामी यशवीर महाराज के सानिध्य में यह धार्मिक अनुष्ठान पूरी विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ।
पवित्र नदियों के जल से हुआ शुद्धिकरण-
कार्यक्रम का आगाज़ गंगा, यमुना और सरयू जैसी पवित्र नदियों के जल से आचमन और शुद्धिकरण के साथ हुआ। स्वामी यशवीर महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परिवार के सभी सदस्यों की शुद्धि कराई। इसके बाद आश्रम परिसर में विशेष हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें परिवार ने आहुतियां देकर सनातन परंपरा में अपनी अटूट आस्था जताई।
जनेऊ धारण कर बदले नाम: फुरकान बना ‘विशाल’ तो मन्तसा बनी ‘मनसा’-
शुद्धिकरण और यज्ञ के पश्चात परिवार के सभी सदस्यों को जनेऊ धारण कराया गया और भगवा पटका पहनाकर उनका हिंदू धर्म में स्वागत किया गया। इस अवसर पर उनके नाम भी बदलकर हिंदू संस्कृति के अनुरूप रखे गए-
फुरकान अब विशाल के नाम से जाने जाएंगे।
नगीना का नाम प्रीति रखा गया।
अफसा कुमारी का नाम नेहा और अलफिजा कुमारी का नाम पूजा रखा गया।
अमन अब आकाश और मन्तसा का नाम मनसा रखा गया।
1000 से अधिक परिवारों की हो चुकी है घर वापसी: स्वामी यशवीर-
इस अवसर पर स्वामी यशवीर महाराज ने बताया कि वे लंबे समय से ‘घर वापसी’ अभियान चला रहे हैं और अब तक 1000 से अधिक परिवारों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वेच्छा और प्रेम पर आधारित है। आश्रम का उद्देश्य उन लोगों को सम्मान के साथ वापस लाना है जो अपने मूल धर्म की ओर लौटना चाहते हैं।
नए सनातनी परिवार में खुशी की लहर-
कार्यक्रम में मौजूद भारी जनसमूह और श्रद्धालुओं के बीच परिवार के सदस्यों ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वे अब पूरी निष्ठा और श्रद्धा के साथ हिंदू रीति-रिवाजों और सनातन परंपराओं का पालन करेंगे। स्वामी यशवीर महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन धर्म विश्व कल्याण और समानता का मार्ग दिखाता है और इसमें सभी का स्वागत है।










Discussion about this post