नई दिल्ली। जब भी आप अपनी गाडी से किसी हाईवे या एक्सप्रेस वे पर सफर करते हैं तो बीच में लगने वाला टोल आपके सफर का आनंद थोडा तो कम कर ही देता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ नियम ऐसे भी है जिनके आधार पर आप बिना एक पैसा दिए भी टोल पार कर सकते हैं।
पिछले कुछ सालों में केंद्र सरकार ने बडी संख्या में हाईवे तथा एक्सप्रेसवे का निर्माण कराया है। इसके चलते बडे शहरों के बीच सफर में लगने वाला घंटों का समय तो कम हो गया है, वाहनों की रफ्तार भी तेज हो गई है, लेकिन कहीं न कहीं बीच-बीच में लगने वाला टोल सफर का आनंद कम कर देता है। ऐसे में यह खबर आपकी जेब को राहत दे सकती हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी की एनएचएआई लगातार ऐसे नियम बनाता रहा है, जिनसे लोगों को सहूलियत तो हो ही साथ ही सरकार को भी अच्छा खासा राजस्व मिले। इसी के चलते सभी वाहनों पर फासटैग अनिवार्य कर दिया गया था।
कुछ लोगां की सरकारों से इस बात को लेकर भी नाराजगी रही है कि आखिर क्यों मौजूदा राजमार्गों को ही टोल रोड में बदल दिया गया। यानि जो चीज रोड टैक्स देकर इस्तेमाल की जा रही थी उसके लिए अब आम जनता को अब रोड टैक्स के साथ ही टोल टैक्स और फासटैग भी देना पड़ता है।
क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राजमार्ग पर यात्रा करने के दौरान यदि किसी टोल प्लाजा पर किसी वाहन को 10 सेकेंड से ज्यादा का इंतजार न करने देने का आदेश दे रखा है। यह आदेश व्यस्ततम समय पर भी लागू होता है।
प्राधिकरण की ओर से यह भी व्यवस्था दी गई है कि 100 मीटर से ज्यादा की लाइन किसी भी सूरत में नहीं लगनी चाहिए, और यदि ऐसा हो जाता है तो सरकार का आदेश है कि जब तक की लाइन 100 तक नहीं रह जाती है तब तक उस लाइन के भीतर के सभी वाहनों को बिना रोके टोल पास करने दिया जाएगा।
सरकार का आदेश है कि हर राजमार्ग के टोल पर इस प्रकार से टोल से 100 मीटर की दूरी चिह्नित करने के लिए एक पीली लाइन बनाई जाए। यह भी स्पष्ट आदेश है कि लाइन लगने पर तुरंत टोल प्लाजा ऑपरेटर लाइन खत्म करने की गतिविधि करे। फरवरी 2021 से टोल पर 100 प्रतिशत कैशलेस लेन-देन को लागू किया गया है। क्योंकि 96 प्रतिशत टोल प्लाजा पर फासटैग का प्रयोग हो रहा है।
26 मई 2021 के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आदेश में यह भी कहा गया है कि किसी भी वाहन को 10 सेकेंड से ज्यादा समय पर किसी टोल पर न लगे इसका भी ध्यान टोल प्लाजा को रखना होगा। हालांकि वर्तमान में इन आदेशों की क्या स्थिति है इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं हैं।











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