मुजफ्फरनगर। डीएवी पीजी कॉलेज बुढ़ाना में फीस उत्पीड़न से त्रस्त होकर आत्मदाह करने वाले बीए द्वितीय वर्ष के छात्र उज्जवल राणा को गुरुवार को नम आँखों से अंतिम विदाई दी गई। मूल रूप से बागपत के भड़ल के रहने वाले उज्जवल की अस्थियां गमगीन परिजनों ने हरिद्वार में गंगा में प्रवाहित कर उसकी आत्मा की शांति के लिए पूजा-अर्चना की।
न्याय की मांग हुई और तेज-
इलाके में इस घटना को लेकर व्याप्त आक्रोश के बीच, परिजनों और छात्र संगठनों ने प्राचार्य व प्रबंधक सहित सभी फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है। उज्जवल की बड़ी बहन सलोनी की तहरीर पर बुढ़ाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
अब तक की कार्रवाई-
पुलिसकर्मी लाइन हाजिर- एसएसपी संजय वर्मा ने प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एक सब-इंस्पेक्टर सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया।
पुलिस ने मंगलवार को कॉलेज के पीटीआई संजीव कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा।
प्राचार्य और प्रबंधक फरार- मुख्य आरोपी प्राचार्य प्रदीप कुमार और प्रबंधक अरविन्द कुमार गर्ग अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश में टीमें सक्रिय हैं।
लखनऊ तक गूंजा मुद्दा-
बागपत से सांसद राजकुमार सांगवान ने मंगलवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर इस संवेदनशील मुद्दे को उठाया। सांसद ने सीएम से उज्जवल के परिवार को नौकरी और उचित मुआवजे के साथ ही सभी आरोपियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
क्या थी घटना?
छात्र उज्जवल राणा ने 6 नवंबर को एक वीडियो जारी कर प्राचार्य प्रदीप कुमार पर फीस न जमा करने के बहाने बाल खींचने, पीटने और पुलिस से उत्पीड़न कराने का गंभीर आरोप लगाया था। इस प्रताड़ना से टूटकर, 8 नवंबर को उज्जवल ने कॉलेज के बाहर खुद को आग लगा ली थी। 9 नवंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।










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