रामपुरा। उत्तर प्रदेश के रामपुरा गांव में अपने नाना के घर आए 3 साल के बच्चे पर घर के बाहर खेलते समय कुत्ते ने हमला कर दिया और उसका चेहरा नोच दिया। शोर सुनकर पहुंचे परिजनों ने कुत्ते को भगाया और लहूलुहान हालत में बच्चे को अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने एंटी रैबीज देने के बाद बच्चे को गंभीर हालत मुरादाबाद के लिए रेफर कर दिया।
मुरादाबाद में बच्चे के मुह पर 35 टांके आए हैं। गांव रम्पुरा निवासी जयराम आर्य ने बताया कि हरिद्वार निवासी उनकी बेटी संध्या और दामाद सचिन अपने तीन साल के बेटे अव्यांश के साथ उनके घर आए थे। उनका नाती अव्यांश घर के बाहर खेल रहा था।
इसी दौरान उस पर कुत्ते ने हमला कर दिया और बुरी तरह से मुंह नोच लिया। बच्चे की चीख सुनकर परिवार के लोग दौड़े और किसी तरह कुत्ते के चुंगल से छुड़ाया। खून से लथपथ नाती को उपचार के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने एंटी-रेबीज वैक्सीन दी और गंभीर हालत में रेफर कर दिया।
परिवार के लोग बेहतर उपचार के लिए मुरादाबाद ले गए। मुरादाबाद में डॉक्टर ने उसे 35 टांके लगाए हैं। परिजनों ने बताया कि यह कुत्ता खूंखार हो चुका है। इससे पहले गांव में एक बकरी पर हमला कर चुका है। घटना के बाद गांव के बच्चों में डर का माहौल है।
मौसम का मिजाज पिछले दो दिन में बदला है तेज धूप और तपिश के चलते पालतू कुत्ते भी आक्रमक होकर बच्चों पर हमला कर रहे है। पिछले दो माह की बात करें तो जिले में 900 से अधिक लोगों पर कुत्तों ने हमला किया है। इनकी रोकथाम के लिए न तो पालिका प्रशासन के पास कोई खास इंतजाम नहीं है।
शहर के कई इलाके में आवारा कुत्ते लोगों को काटने के साथ ही बाइक सवारों को दौड़ा रहे हैं, जिससे कई बार बाइक सवार लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। मोहल्ला पक्का बाग, पुराना गंज, बिलासपुर गेट, मछली बाजार, तोपखाना, कुंडा, घेर मर्दान खां, जेल रोड, शुतर खाना, पहाडी गेट, राजद्वारा, पीली मस्जिद इलाके में कुत्तों का आतंक ज्यादा है।
यह कुत्ते लोगों को पांव, हाथ घुटने तक ज्यादा अटैक कर रहे हैं। पिछले दो माह की बात करें तो जिले भर में 900 से अधिक लोग इसकी चपेट में आए हैँ और अब शांहबाद में बच्चे की मौत हो गई।
एक साल पहले 44 लाख के ठेके के साथ नगर पालिका ने शहर के खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए कंपनी को ठेका दिया था। इसके बाद से न तो कंपनी का काम धरातल पर दिखाई दिया और न ही अधिकारियों ने इसकी सुध ली।
गर्मी में कुत्ते ज्यादा आक्रमक हो जाते हैँ जिसके चलते यह लोगो को चपेट में लें रहे है। कुत्ते काटने के बाद तुरंत जिला अस्पताल लेकर आए और एंटी रैबीज लगवाए। अस्पताल में भरपूर एटी रैबीज की वायल रखी हैं। –डॉ. दशरथ सिंह, वरिष्ठ फिजिशियन, रामपुर











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