लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर फॉल्ट और उपभोक्ता शिकायतों को लेकर जनता की बढ़ती नाराजगी के बीच अब मंत्री खुद एक्शन मोड में आ गए हैं। इस बार मामला बस्ती जनपद का है, जहां वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान अनुशासनहीनता बरतने पर अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) रामनरेश को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में 20 अगस्त को एक महत्वपूर्ण वीडियो कांफ्रेंसिंग आयोजित की गई थी। इसमें ट्रांसफॉर्मर की समय पर मरम्मत, वर्कशॉप में ट्रांसफॉर्मर की उपलब्धता, और टोल फ्री नंबर 1912 पर उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित निस्तारण जैसे विषयों पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान एक्सईएन रामनरेश, जो रुधौली (विद्युत वितरण खंड द्वितीय) में तैनात थे, किसी बाहरी व्यक्ति से बातचीत करते नजर आए और बाद में वीसी छोड़कर चले गए।
इस लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम, वाराणसी के एमडी शंभू कुमार ने एक्सईएन को अनुशासनहीनता और उपभोक्ता शिकायतों के निस्तारण में घोर लापरवाही का दोषी मानते हुए 22 अगस्त को निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें एमडी कार्यालय, वाराणसी से संबद्ध कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
मुख्य अभियंता विद्युत वितरण जोन, बस्ती वी.के. गुप्ता ने पुष्टि की कि वीसी के दौरान अनुशासन का उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की गई है। इस घटनाक्रम के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि ऊर्जा मंत्री शर्मा पहले भी कई बार अधिकारियों की कार्यशैली और उपभोक्ताओं से लापरवाह व्यवहार को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। हाल ही में बस्ती में ही एक अधिकारी का उपभोक्ता से असभ्य तरीके से बात करने का ऑडियो वायरल हुआ था, जिसे मंत्री ने खुद ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया था। उस मामले में संबंधित एसई को भी सस्पेंड किया गया था।










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