उत्तर प्रदेश। बदायूं के वीरमपुर गांव में मां और बेटी की चाकू से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। दोनों के शरीर पर 10 से अधिक घाव के निशान मिले हैं। घर में रह रहे मौसेरे भाई विपिन पर भी हमलावरों ने चाकू से हमला किया, जिससे वह घायल हो गया। घायल विपिन ने घटना की सूचना पुलिस और परिजनों को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी है।
यह वारदात दातागंज थाना क्षेत्र के वीरमपुर गांव में हुई। मृतक जयंती (35) अपनी मां शांति देवी (75) के साथ गांव के बाहरी हिस्से में नवनिर्मित मकान में रहती थीं। जयंती के पति की 12 साल पहले बीमारी से मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद वह अपने मायके वीरमपुर आकर रहने लगी थीं। तीन साल पहले जयंती ने गांव के बाहर जमीन खरीदी और वहां मकान बनवाया। उनकी मां शांति देवी भी उनके साथ रहने लगी थीं। शांति के छह बेटे गांव के पुराने मकान में रहते हैं।
जयंती का ससुराल वजीरगंज थाना क्षेत्र के रोटा गांव में था। पति की मृत्यु के बाद ससुराल की 11 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। जयंती ने इस जमीन में से 9 बीघा 50 लाख रुपये में बेच दी थी, जिसके बाद विवाद और गहरा गया।
शांति का भतीजा विपिन, जो हजरतपुर थाना क्षेत्र के चितरी गांव का निवासी है, जयंती के साथ रहता था। उसका मकान भी जयंती के घर के सामने बन रहा था। विपिन ने पुलिस को बताया कि गुरुवार रात को वह देर से घर लौटा। दरवाजा खटखटाने पर किसी ने नहीं खोला, इसलिए वह बाहर बरामदे में तखत पर सो गया। रात को चीखने की आवाज सुनकर वह जागा और घर के अंदर जाने लगा। तभी एक व्यक्ति चेहरे पर काला कपड़ा बांधे चाकू लेकर भागता हुआ बाहर निकला। विपिन ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन हमलावर ने उसके हाथ पर चाकू मार दिया।
विपिन ने बताया कि घर के अंदर जाकर देखा तो जयंती और शांति खून से लथपथ पड़ी थीं। उसने तुरंत शांति के बेटों को सूचना दी, जो मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
शांति के बड़े बेटे अवनीश ने बताया कि मां और बहन की लाशें बेड पर पड़ी थीं। मां की गर्दन पर गहरा घाव था, जबकि जयंती के शरीर पर कई चोटें थीं। उन्होंने कहा कि घर में चोरी का कोई निशान नहीं मिला, जिससे हत्या का कारण रंजिश प्रतीत होता है। अवनीश ने जयंती की जमीन बिक्री को विवाद का कारण बताया। शांति के दूसरे बेटे राकेश ने भी जमीन बिक्री से जुड़े विवाद की आशंका जताई और कहा कि परिवार को खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि चार-पांच हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. बृजेश सिंह ने बताया कि जयंती और शांति नया मकान बनवाकर रह रही थीं, जो अभी पूरा नहीं हुआ था। डेढ़ महीने पहले जयंती ने ससुराल की जमीन बेची थी, जिससे विवाद शुरू हुआ था। पुलिस ने घायल विपिन से पूछताछ की और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।











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