उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं और बूंदाबांदी का दायरा सिमटने के बाद अब धूप और गर्म हवाओं ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। प्रदेश में लोगों को अब मई की तीखी गर्मी के लिए कमर कसना होगा।
मौसम विभाग का कहना है कि अब पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने से उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों को छोड़कर बाकी जगहों पर आने वाले कुछ दिनों तक मौसम शुष्क रहने वाला है। इसके साथ ही धीरे-धीरे पारे में बढ़ोत्तरी देखने को मिलेगी।
बीते कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में चल रही झोंकेदार हवाओं और छिटपुट बूंदाबांदी से भीषण गर्मी से राहत मिल रही थी। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को प्रदेश के तराई और पश्चिमी हिस्सों समेत 20 जिलों में गरज चमक की संभावना जताई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और वेदर सिस्टम का असर अब सिमट गया है।
तराई और कुछ पश्चिमी जिलों को छोड़कर बाकी हिस्सा अगले कुछ दिनों तक शुष्क रहने वाला है। इस दौरान तापमान का बढ़ना जारी रहेगा। अगले 4 से 5 दिनों में अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की उछाल आने की संभावना है। राजधानी लखनऊ में भी बुधवार को धूप और उमस भरी गर्मी अपने पूरे रंग में दिखी। पूर्वा हवाओं की रफ्तार घट कर 15 से 20 किमी प्रति घंटे तक आ पहुंची।
यहां है मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी
सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, प्रयागराज, वाराणसी, भदोही, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड, गौतम बुद्ध नगर, बुलन्दशहर, अलीगढ़, मथुरा, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद व आसपास के इलाकों में।











Discussion about this post