लखनऊ। अपनी पहचान छिपाकर रह रही उज्बेकिस्तान की दो युवतियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह की सरगना लोला के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही है। उसने ही दोनों को दिल्ली से लखनऊ बुलाया था। सूत्रों का कहना है कि दोनों युवतियां काफी दिनों से लखनऊ में थीं और अलग-अलग ठिकानों पर रह रही थीं। लोला के पकड़े जाने के बाद गिरोह का राज खुलेगा।
न्यू हजरतगंज अपार्टमेंट के कमरा नंबर 527 से होलिडा और नीलोफर के पकड़े जाने के बाद से लोला भूमिगत हो गई है। यही नहीं दोनों युवतियों की पहचान छिपाने के लिए उनकी प्लास्टिक सर्जरी करने वाले डॉ. विवेक का भी कुछ पता नहीं चल सका है।
बताया जा रहा है कि लोला अपने कथित पति त्रिजिन राज के साथ कहीं छिपी है। पुलिस अभी तक त्रिजिन राज के बारे में भी पूरी जानकारी नहीं जुटा सकी है। लोला ने आधार कार्ड बनवाया था। इसे लेकर खुफिया एजंसियां जानकारी कर रही हैं।
सूत्रों का कहना है कि लोला ने त्रिजिन से शादी के बाद आधार बनवाया था। इसके बाद वह उज्बेकिस्तान की युवतियों को दिल्ली और फिर लखनऊ बुलाकर अवैध काम करवाती थी। सुशांत गोल्फ सिटी थाने के दरोगा महेश कुमार सिंह के मुताबिक प्लास्टिक सर्जरी करने वाले डॉक्टर विवेक गुप्ता और शरण देने वाले त्रिजिन राज के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
फॉरेनर्स रिजनल रजिस्टे्रशन ऑफिस (एफआरआरओ) की टीम दोनों युवतियों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया है कि आर्थिक लाभ के लिए दोनों अवैध गतिविधियों में लिप्त थीं। दोनों पासपोर्ट या वीजा नहीं दिखा सकी हैं। डॉ. विवेक और त्रिनिज की तलाश जारी है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।










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