इजरायल और ईरान के बीच 13 जून से चल रहे युद्ध के 12वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम (इजरायल-ईरान युद्ध विराम) की घोषणा की।हालांकि, ईरान ने इसके बावजूद इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर दिया, जिसमें कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई। ईरान ने कतर में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर भी हमला किया, जिसके बाद उसने दावा किया कि ट्रंप ने युद्धविराम के लिए “भीख” मांगी।
ट्रंप ने सोमवार रात घोषणा की कि इजरायल और ईरान युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं, जो मंगलवार से चरणबद्ध तरीके से लागू होगा। उन्होंने दोनों पक्षों से युद्धविराम का उल्लंघन न करने की अपील की। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर स्पष्ट किया कि अभी तक युद्धविराम या सैन्य कार्रवाइयों को रोकने पर कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “अगर इजरायल तेहरान समयानुसार सुबह 4 बजे तक ईरान के खिलाफ हमले रोक दे, तो हम जवाबी कार्रवाई न करने पर विचार करेंगे।”
ईरान ने बाद में एक और बयान में अपनी सैन्य कार्रवाइयों की समाप्ति का संकेत दिया, लेकिन युद्धविराम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की। इसके तुरंत बाद ईरान ने इजरायल पर फिर से मिसाइल हमले शुरू कर दिए।
युद्धविराम की मध्यस्थता कतर ने की, जिसमें अमेरिका की भी भूमिका रही। कथित युद्धविराम समझौते की शर्तों के अनुसार, पहले 12 घंटे इजरायल कोई हमला नहीं करेगा, और अगले 12 घंटे ईरान हमले रोकेगा। इजरायल ने अपने नागरिकों को बम शेल्टर से बाहर निकलने और एयरस्पेस बंद करने के निर्देश दिए हैं।
ईरान ने दावा किया कि उसे इस जंग में रूस का समर्थन प्राप्त है, जिसकी पुष्टि रूसी विदेश मंत्री ने भी की। ईरान के सरकारी समाचार चैनल IRINN ने कतर में अमेरिकी अड्डे पर “सफल” हमले का हवाला देते हुए युद्धविराम की घोषणा की। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरानी सेना की तारीफ करते हुए चैनल ने दावा किया कि ट्रंप ने हमले के बाद युद्धविराम की गुहार लगाई।
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने पुष्टि की कि ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जिसके कारण कई शहरों में सायरन बजे। *द टाइम्स ऑफ इजराइल* के अनुसार, हमले में अभी तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है। इजरायल ने ईरान से लॉन्च किए गए ड्रोन को भी नष्ट करने का दावा किया।
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, विदेश मंत्री अराघची ने कहा, “सैन्य संघर्ष समाप्त करने का अंतिम निर्णय सुबह 4 बजे के बाद लिया जाएगा।” *तेहरान टाइम्स* ने संसद अध्यक्ष के सलाहकार महदी मोहम्मदी के हवाले से कहा कि अमेरिका और इजरायल “झूठ” बोल रहे हैं ताकि ईरान अपनी सतर्कता कम कर दे।
13 जून को शुरू हुए इस युद्ध में इजरायल ने ईरान के आवासीय भवनों और परमाणु स्थलों पर हमले किए, जबकि ईरान वाशिंगटन के साथ छठे दौर की वार्ता की तैयारी कर रहा था। *द वॉल स्ट्रीट जर्नल* के अनुसार, तेहरान में विस्फोटों के बीच ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय रही।











Discussion about this post