लखनऊ। राजधानी लखनऊ में डीजीपी राजीव कृष्ण ने सोमवार को पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से बात की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि पुलिस बल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में दक्ष बनाया जाएगा। जल्द ही शुरू होने वाले 60244 कांस्टेबलों के प्रशिक्षण में एआई को शामिल किया जाएगा, ताकि वे नई चुनौतियों से निपट सकें। महिलाओं को सुरक्षा और संरक्षा देकर उन्हें सशक्त बनाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने प्रदेश की जनसुनवाई प्रणाली (आईजीआरएस) को देश में सबसे अच्छा बताते हुए कहा कि इसका बेहतर उपयोग सुनिश्चित कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। बीते आठ साल में पुलिस की दिशा और दशा सराहनीय रही है। अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हुए आमजन को सुरक्षित माहौल देना मेरी प्राथमिकता रहेगी।
महिला अपराध की रोकथाम के साथ समाधान पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। हर कीमत पर कानून का राज बनाए रखा जाएगा। कहा, कोरोना महामारी के बाद साइबर क्राइम बड़ा खतरा बनकर उभरा है। इसके मामले तेजी से बढ़े हैं। इस पर प्रभावी लगाम लगाई जाएगी। पुलिसकर्मियों को सेवाकालीन प्रशिक्षण भी कराया जाएगा ताकि वे भविष्य की चुनौतियों से निपट सकें।
उन्होंने कहा कि एटीएस में कुछ बदलाव जरूरी हैं। प्रदेश में तीन जगहों पर इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) द्वारा सीरियल बम धमाके करने के बाद इसकी स्थापना हुई थी। लगातार चले ऑपरेशन की बदौलत आईएम के मॉड्यूल को खत्म करने में सफलता मिली है। आतंकियों और जासूसों से निपटने के लिए एटीएस को और अधिक सशक्त किया जाएगा। विजिलेंस का भी जिम्मा होने पर डीजीपी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रहार का काम जारी रहेगा।










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