लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र को लेकर गुरुवार, 18 दिसंबर 2025 को कार्य मंत्रणा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सदन की कार्यवाही के एजेंडे पर सहमति बनी।
इस बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं-
वंदे मातरम पर विशेष चर्चा: सत्र के दौरान ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विशेष चर्चा की जाएगी। सरकार ने इसके लिए 4 घंटे का प्रस्ताव रखा था, लेकिन विपक्ष की 8 घंटे की मांग के बाद 5 घंटे की चर्चा पर सहमति बनी है। यह चर्चा सोमवार, 22 दिसंबर 2025 को होने का प्रस्ताव है।
सत्र की अवधि: समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा के अनुसार, शीतकालीन सत्र 19 से 24 दिसंबर तक चलेगा।
19 दिसंबर: पहले दिन दिवंगत सदस्यों (सपा विधायक सुधाकर सिंह) को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन स्थगित हो जाएगा।
20-21 दिसंबर: शनिवार और रविवार को सदन का अवकाश रहेगा।
22 दिसंबर: सदन की कार्यवाही पुनः शुरू होगी और इसी दिन अनुपूरक बजट भी पेश किया जा सकता है।
विपक्ष की मांगें: विपक्षी दल ने सत्र की अवधि बढ़ाने और शनिवार-रविवार के अवकाश को निरस्त कर सदन चलाने की मांग की है, जिस पर सरकार ने विचार करने का आश्वासन दिया है।
प्रमुख मुद्दे: इस संक्षिप्त सत्र में विपक्ष द्वारा ‘विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान’ (SIR), बिजली निजीकरण, कानून-व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की संभावना है।
यह सत्र 18वीं उत्तर प्रदेश विधानसभा का तीसरा सत्र है और इसके 24 दिसंबर 2025 तक चलने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।










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