मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की वर्षों पुरानी मांग को लेकर वकीलों ने अपने आंदोलन को और अधिक तीव्र करने का निर्णय लिया है। इस क्रम में, दो बड़े आंदोलन कार्यक्रम घोषित किए गए हैं—पहला 26 नवंबर को और दूसरा 17 दिसंबर को।
यह महत्वपूर्ण निर्णय कैराना स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर के बार भवन में आयोजित हाई कोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक में लिया गया। सभा की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन और मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय शर्मा ने की, जबकि बार एसोसिएशन कैराना के रामकुमार वशिष्ठ ने सह-अध्यक्षता की। संचालन समिति के संयोजक और मेरठ बार एसोसिएशन के महामंत्री राजेंद्र सिंह राणा ने किया।
दो चरणों में आंदोलन-
समिति द्वारा पारित प्रस्तावों के अनुसार, आंदोलन को दो चरणों में लागू किया जाएगा-
26 नवंबर: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों की बार एसोसिएशनें अपने-अपने क्षेत्र के सांसदों के आवासों पर जोरदार धरना देंगी। इस दौरान अधिवक्ता सांसदों से आग्रह करेंगे कि वे आगामी संसद सत्र में हाई कोर्ट बेंच की मांग को प्रमुखता से उठाएँ। इस दिन सभी अधिवक्ता न्यायिक कार्य से पूरी तरह विरत रहेंगे।
17 दिसंबर: हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की मांग के लिए पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संपूर्ण बंद का आह्वान किया गया है। वकीलों ने अपील की है कि इस बंद को सफल बनाने के लिए सभी संगठनों और आम जनता को सहयोग देना चाहिए। इस दिन रजिस्ट्री कार्यालय भी अनिवार्य रूप से बंद रखे जाएंगे।
बैठक में गौतमबुद्धनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमेन्द्र भाटी, महामंत्री अजीत नागर, मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री जितेंद्र सिंह बना सहित अधिवक्ता विनोद गौतम और वैभव पंवार ने भी अपने विचार रखे और आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने की बात कही।










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