सहारनपुर: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के होली खेलने पर एक देवबंदी उलेमा ने उन्हें नसीहत दी। इस पर मसूद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके और अल्लाह के रिश्ते में किसी की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे। मसूद ने आतंकवाद पर भी अपनी राय रखी और औरंगजेब पर अबू आजमी के बयान पर भी टिप्पणी की।
होली त्योहार पर इमरान मसूद ने समर्थकों के साथ होली खेली थी। इस पर देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने उन्हें नसीहत दी। गोरा ने कहा कि शरीयत के खिलाफ कोई काम नहीं करना चाहिए। इमरान मसूद ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें किसी के सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह सियासत करते हैं और उनके फैसले सियासी ही होंगे। मसूद ने आतंकवाद और औरंगजेब पर अबू आजमी के बयान पर भी अपनी राय रखी।
मौलाना कारी इसहाक गोरा ने एक वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि मुसलमान होने के नाते हमें शरीयत का पालन करना चाहिए। भाईचारा बढ़ाने के और भी तरीके हैं, गैर-इस्लामी रस्में मनाना जरूरी नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे काम करने वालों को तौबा करनी चाहिए। गोरा ने इमरान मसूद का नाम लिए बिना यह बात कही थी, लेकिन यह स्पष्ट था कि उनका इशारा मसूद की होली खेलने की घटना की तरफ था।
इमरान मसूद ने गोरा के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि ला इलाहा इल अल्लाह मोहम्मद रसूलल्लाह कहने के बाद न मुझे किसी को कुछ साबित करने की जरूरत है। मेरे और अल्लाह के बीच मुझे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। यह अल्लाह का काम है कि मुझे क्या सजा देनी है। मसूद ने साफ किया कि वह राजनीति करते हैं और उनके फैसले राजनीतिक ही होंगे। उन्होंने कहा कि हर किसी का अपना काम है। मैं सियासत करता हूं और वही करूंगा। फैसले भी सियासत के हिसाब से होंगे।
इजरायल में आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों पर भी इमरान मसूद ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवादी को बख्शना नहीं चाहिए। उसे मार देना चाहिए। जो लोग दूसरों की जान लेते हैं, उन्हें जिंदा रहने का कोई हक नहीं है।
इमरान मसूद ने औरंगजेब पर अबू आजमी के बयान पर कहा कि मैंने अबू आजमी का बयान नहीं सुना है, लेकिन जिस तरह की चर्चा मीडिया में हो रही है, मुझे लगता है कि किसी को भी अधूरा ज्ञान नहीं रखना चाहिए। पहले उन्हें पूरा ज्ञान लेना चाहिए। मैं ये पूछना चाहता हूं कि अगर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री एफआईआर की मांग कर रहे हैं, तो क्या वहां की सरकार इतनी कमजोर है कि इन्हें पूछना पड़ रहा है? हालांकि, वे किस बात के लिए देशद्रोह कहेंगे, क्या औरंगजेब बादशाह नहीं था? वो पूरे 49 साल तक हिंदुस्तान का बादशाह रहा था। मसूद ने कहा कि लोगों को पूरा ज्ञान होना चाहिए, तभी बयान देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि औरंगजेब 49 साल तक बादशाह रहा, तो उसके बारे में बयान देने पर देशद्रोह कैसे लग सकता है?











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