नई दिल्ली : शरीर पर मस्से एक ऐसी आम त्वचा समस्या है जिससे कई लोग परेशान रहते हैं। ये अक्सर छोटे, खुरदरे और त्वचा से उभरे हुए धब्बों के रूप में दिखाई देते हैं। मस्से सिर्फ शारीरिक बनावट को ही प्रभावित नहीं करते, बल्कि कभी-कभी इनमें खुजली, दर्द या हल्की असहजता भी महसूस हो सकती है, जिससे व्यक्ति को रोजमर्रा के जीवन में परेशानी उठानी पड़ती है।
मस्से किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकते हैं, चाहे वह बच्चा हो या बड़ा, और ये शरीर के किसी भी हिस्से पर दिख सकते हैं जैसे हाथ, पैर, चेहरा, गर्दन या जननांगों पर। यह समझना महत्वपूर्ण है कि मस्से संक्रामक हो सकते हैं और सीधे संपर्क या संक्रमित वस्तुओं के जरिए फैल सकते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मस्से क्यों होते हैं? आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं, साथ ही ये भी जानेंगे कि कितने प्रकार के होते हैं।
मस्से होने का प्रमुख कारण
मस्से का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) है, जो त्वचा के संपर्क में आने से फैलता है। यह वायरस त्वचा की ऊपरी परत में प्रवेश कर कोशिकाओं को असामान्य रूप से बढ़ने के लिए प्रेरित करता है, जिससे मस्से बनते हैं। HPV के 100 से अधिक प्रकार हैं, जिनमें से कुछ सामान्य मस्से और कुछ जननांग मस्से का कारण बनते हैं। यह वायरस नम और गर्म वातावरण में तेजी से फैलता है, जैसे स्विमिंग पूल, जिम या साझा तौलियों के उपयोग से।
मस्से के प्रकार
सामान्य मस्से : ये खुरदरे और उभरे हुए होते हैं, जो आमतौर पर हाथों और उंगलियों पर दिखते हैं।
प्लांटर मस्से : ये पैरों के तलवों पर होते हैं और चलने में दर्द पैदा कर सकते हैं।
फ्लैट मस्से : चेहरे और टांगों पर चिकने और छोटे धब्बों के रूप में दिखते हैं।
जननांग मस्से : ये यौन संपर्क से फैलते हैं और गंभीर मामलों में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं।
लक्षण और पहचान
मस्से आमतौर पर त्वचा पर उभरे हुए, कठोर या मुलायम धब्बे के रूप में दिखते हैं। कुछ में काले बिंदु (रक्त वाहिकाएं) दिख सकते हैं। जननांग मस्से गोभी जैसे दिख सकते हैं। यदि मस्से में दर्द, खुजली, रक्तस्राव या तेजी से वृद्धि हो, तो तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराएं।
सावधानियां-
अपने हाथ, पैर और शरीर को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं, खासकर सार्वजनिक स्थानों, जैसे जिम या स्विमिंग पूल, से लौटने के बाद। नाखूनों को साफ रखें और उन्हें काटते समय सावधानी बरतें, क्योंकि गंदगी या कट से HPV वायरस प्रवेश कर सकता है।
तौलिया, रेजर, जूते या मोजे जैसी व्यक्तिगत वस्तुओं को दूसरों के साथ साझा न करें। ये वायरस के फैलने का प्रमुख माध्यम हो सकते हैं। हमेशा अपनी निजी वस्तुओं का उपयोग करें और उन्हें साफ रखें।
त्वचा में कट, खरोंच या घाव होने पर उन्हें तुरंत साफ करें और बैंडेज से ढकें। HPV वायरस कटी त्वचा के माध्यम से आसानी से प्रवेश करता है।
जननांग मस्सों और गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव के लिए 9-45 वर्ष की आयु में HPV वैक्सीन लें। यह कुछ खतरनाक HPV स्ट्रेन से सुरक्षा प्रदान करती है। वैक्सीन लेने से पहले चिकित्सक से परामर्श लें।











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