महिलाओं के लिए हरियाली तीज का त्योहार बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन केवल एक व्रत नहीं, बल्कि मां पार्वती और भगवान शिव के पवित्र मिलन का प्रतीक भी है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर अपने पति की लंबी उम्र, खुशहाल और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। जबकि कुंवारी लड़कियां अच्छे वर के लिए प्रार्थना करती हैं।

इस दिन धार्मिक नियमों और सावधानियों का पालन करना जरूरी होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 26 जुलाई 2025 को है। पंचांग के अनुसार व्रत 27 जुलाई को रखा जाएगा।
अगर आप हरियाली तीज का व्रत रख रहे हैं तो सबसे महत्वपूर्ण बात है कि यह व्रत निर्जला होता है। यानी इस दिन न तो कोई भोजन करें और न ही पानी पीएं। खाने-पीने से व्रत अधूरा माना जाता है और मां पार्वती की कृपा नहीं होती है।
हरियाली तीज के दिन अंडा, शराब, मांस-मछली आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्रत की पवित्रता भंग हो जाती है और व्रत का फल नहीं मिलता। सुहागिन महिलाएं अपने मायके से मिली सामग्री का ही उपयोग करें। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है।
इस दिन काले रंग के वस्त्र नहीं पहनना चाहिए क्योंकि काला रंग अशुभ माना जाता है। हरे रंग की चूड़ियां पहनें, जो हरियाली, समृद्धि का प्रतीक हैं। घर में इस दिन वाद-विवाद न करें। सुहागिन महिला का अपमान करना आपको पाप का भागीदार बना सकता है। व्रत का पारण शुभ मुहूर्त में करें।











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