श्रीनगर/जम्मू। जम्मू संभाग में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। डोडा में बादल फटने और माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अदकुंवारी इलाके में हुए भूस्खलन ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। मंगलवार को हुए इस हादसे में 11 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि 10 से ज्यादा गंभीर रूप से घायल हैं, जिनमें मुजफ्फरनगर का एक युवक भी शामिल है।
भारी बारिश के बीच मंगलवार को माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा हो गया। अर्धकुंवारी के पास हुए भूस्खलन में 11 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 14 लोग घायल हो गए। हादसे में मुजफ्फरनगर शहर के रामलीला टिल्ला निवासी इंजीनियर मिंटू कश्यप का परिवार भी दब गया। परिवार का इकलौता बेटा कार्तिक (22) इस हादसे में मौत का शिकार हो गया, जबकि उनकी पत्नी संगीता, बेटी उमंग और रिश्तेदार की बेटी वैष्णवी घायल हो गईं। हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालु भवन से लौट रहे थे। श्राइन बोर्ड, एनडीआरएफ और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। हादसे के बाद माता वैष्णो देवी यात्रा को स्थगित कर दिया गया।
मूल रूप से बघरा क्षेत्र के अलीपुर खुर्द निवासी मिंटू कश्यप (46) इन दिनों शहर के रामलीला टिल्ला पर परिवार के साथ रह रहे थे। वह प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और छत्तीसगढ़ में फैक्टरी लगाने का काम देख रहे थे। उनका बेटा कार्तिक क्रिकेट का उभरता खिलाड़ी था और देहरादून में रहकर अभ्यास कर रहा था। बेटी उमंग मेरठ से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। हादसे की सूचना मिलते ही रामलीला टिल्ला स्थित उनके आवास पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रिश्तेदार, परिचित और ग्रामीण ढांढस बंधाने पहुंचे। रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक ने भी परिवार से मुलाकात की।
मंसूरपुर निवासी मिंटू के साले की बेटी वैष्णवी (16) भी उनके साथ दर्शन के लिए गई थी और हादसे में घायल हो गई।कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और बड़े भाई बाबूराम प्रधान से जानकारी ली। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा से बात कर घायलों के बेहतर इलाज की मांग की।
22 वर्षीय कार्तिक, जो एक होनहार क्रिकेट खिलाड़ी था और देश के लिए खेलने का सपना देख रहा था, हादसे में दम तोड़ गया। उसकी मौत की खबर से पूरे मुज़फ्फरनगर और पैतृक गाँव अलीपुर खुर्द में मातम पसरा हुआ है। बेटी उमंग एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, जबकि बाकी परिजन अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं।
श्राइन बोर्ड, पुलिस और सेना ने राहत-बचाव अभियान चलाकर कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला। घायलों को नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना पर दुख जताया और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से स्थिति की जानकारी ली। कार्तिक के कोच और दोस्तों का कहना है कि वह बेहद मेहनती क्रिकेटर था। परिवार को पूरा विश्वास था कि एक दिन बेटा भारत की जर्सी पहनकर मैदान में उतरेगा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था।











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