मुजफ्फरनगर। परासौली नहर पर मंगलवार शाम हुई कथित पुलिस मुठभेड़ को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिस युवक को गोली लगने के बाद पुलिस ने अपराधी के रूप में पेश किया है, वह कोई और नहीं बल्कि भाजपा मंडल अध्यक्ष मोनू ठाकुर का चचेरा भाई रॉबिन है। परिवार का सीधा आरोप है कि पुलिस रॉबिन को उसके घर से उठाकर ले गई और बाद में उसे फर्जी मुठभेड़ में फंसा दिया।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार दोपहर गांव जौला निवासी मुजम्मिल से कुरथल रोड पर तीन बदमाशों ने असलहे के बल पर बाइक और दो हजार रुपये लूटे। पुलिस का दावा है कि शाम करीब साढ़े पाँच बजे परासौली नहर पर चेकिंग के दौरान बाइक सवार बदमाशों से मुठभेड़ हुई। इस दौरान बदमाशों ने फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से रॉबिन पुत्र उदयपाल निवासी कुरथल घायल हो गया। पुलिस ने मौके से बाइक, एक तमंचा और कारतूस बरामद करने का दावा किया, जबकि दो साथी गन्ने के खेतों में भाग निकले।
रोबिन के परिजनों और भाजपा मंडल अध्यक्ष मोनू ठाकुर के परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि रोबिन का न तो लूट से कोई लेना-देना है और न ही उसका अपराध से कोई पुराना इतिहास है।
परिजनों का आरोप है कि –पुलिस ने रोबिन को घर से उठाया। घटना के कई घंटे बाद उसे मुठभेड़ में “बदमाश” बनाकर पेश कर दिया। पूरी मुठभेड़ पुलिस की बनाई हुई “स्क्रिप्ट” है। परिवार ने इसे भाजपा कार्यकर्ता के परिवार को निशाना बनाने की साजिश बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्र का कहना है कि रोबिन बदमाश है और उसके खिलाफ सबूत मिले हैं। घायल आरोपी का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है और जल्द ही उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस फरार बदमाशों की तलाश भी कर रही है।










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