मुज़फ्फरनगर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कहा कि राज्य में “भूमि जिहाद” के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में 9,000 एकड़ से ज़्यादा ज़मीन अवैध कब्ज़ों से मुक्त कराई गई है। उन्होंने यह बयान मुज़फ़्फ़रनगर के रामपुर तिराहा स्थित उत्तराखंड शहीद स्मारक पर आयोजित एक समारोह में दिया, जहाँ आंदोलन के शहीदों को उनकी 31वीं शहादत वर्षगांठ पर श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा “राज्य के भीतर सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे थे। धार्मिक संरचनाएं बनाकर इन पर बड़े पैमाने पर कब्जा किया गया था। हमने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है और हजारों एकड़ भूमि को मुक्त कराया गया है। सीएम धामी ने रामपुर तिराहा कांड को याद करते हुए कहा कि 2 अक्टूबर 1994 को उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों पर मुज़फ्फरनगर में अमानवीय अत्याचार हुए थे।
“यह दिन उत्तराखंड के इतिहास में काले अक्षरों में लिखा गया है। हमारी माताओं-बहनों की अस्मिता से खिलवाड़ हुआ। आज हम उन्हें श्रद्धांजलि देने के साथ यह संकल्प भी लेते हैं कि उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड का निर्माण करेंगे।”
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान समेत बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
सीएम धामी ने स्वर्गीय पंडित महावीर शर्मा की प्रतिमा का भी अनावरण किया, जिन्होंने उत्तराखंड राज्य के स्मारक हेतु भूमि दान की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शर्मा जी का योगदान हमें यह याद दिलाता रहेगा कि राज्य आंदोलन में इस क्षेत्र की भूमिका कितनी अहम रही।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि रामपुर तिराहा कांड को लेकर न्यायालय ने भी टिप्पणी की थी कि यह घटना जलियांवाला बाग जैसी ही भयावह थी। उन्होंने कहा कि संजीव बालियान ने भी इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाया, जिसके लिए राज्य सरकार उनकी आभारी है।










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