लखनऊ। जिले के निगोहां में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसमें 25 दिनों से लापता किसान शिव प्रकाश की हत्या कर दी गई। यह हत्या करोड़ों रुपये के ज़मीन विवाद के कारण हुई। पुलिस ने सोमवार को हत्या की साज़िश में शामिल पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया। ADCP साउथ रालपल्ली बसंत ने बताया कि शिव प्रकाश का आधा जला हुआ शव उन्नाव के बीघापुर में हाईवे पर मिला। शव की पहचान के बाद पुलिस टीम ने हत्यारों की तलाश शुरू की।
मृतक शिव प्रकाश के पास एक ज़मीन का हिस्सा था जो एक प्राइवेट प्लॉटिंग साइट का हिस्सा था। उसके बड़े भाई ने अपना हिस्सा पहले ही बेच दिया था, लेकिन उनकी मां की ज़मीन शिव प्रकाश के नाम कर दी गई थी। हालांकि, बड़े भाई ने अपनी मां से पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर बिचौलियों के ज़रिए उनकी ज़मीन भी बेच दी। जब शिव प्रकाश को इस धोखे के बारे में पता चला, तो उसने कोर्ट में केस दायर किया और मामले को गंभीरता से देख रहा था। केस के दबाव में, बिचौलियों ने शिव प्रकाश को केस वापस लेने की धमकी दी, लेकिन जब उसने पीछे हटने से इनकार कर दिया, तो नागरम के एक बिचौलिए सुजीत श्रीवास्तव ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की साज़िश रची।
आरोपी सुजीत कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस को कबूल किया कि उसने हत्या की प्लानिंग के लिए फर्जी मोबाइल और सिम कार्ड खरीदे थे। 15 नवंबर की शाम को शिव प्रकाश को धोखे से लालपुर टावर के पास बुलाया गया। सुजीत और दिलीप ने शिव प्रकाश को जबरन एक गाड़ी में बैठाया। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने सर्विस रोड और लिंक रोड का सहारा लिया और रायबरेली पहुँचे।
सुजीत ने बताया, “रायबरेली में चलती कार के अंदर ही शिव प्रकाश का गला दबाकर मार दिया गया।” लाश को ठिकाने लगाने के लिए वे उन्नाव के बीघापुर पहुँचे, जहाँ शिव प्रकाश की लाश पर पेट्रोल छिड़ककर जला दिया गया और शव व मोबाइल को हाईवे किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने हत्या में शामिल सुजीत, राजू, विनोद, पिन्टू और लालू उर्फ नीरज को गिरफ्तार कर लिया है।










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