गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में दिवाली के बाद हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। लगातार पाँचवें दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके चलते नोएडा, दिल्ली, और गाजियाबाद की स्थिति पूरे देश में सबसे खराब है। सोमवार, 20 अक्टूबर को NCR की हवा दम घोंटने वाली रही, जिससे दूर की हाईराइज बिल्डिंग भी धुंध में छिप गईं।
नोएडा की हवा सबसे जहरीली-
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, 20 अक्टूबर को NCR में प्रदूषण चरम पर रहा।
शहर AQI देश में स्थिति
नोएडा 345 सबसे अधिक जहरीली (पहला स्थान)
दिल्ली 339 दूसरा स्थान
गाजियाबाद 330+ (औसत) तीसरा स्थान
गाजियाबाद के शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण रेड जोन में पहुंच गया है। वसुंधरा में AQI 355 और इंदिरापुरम में 354 दर्ज किया गया, जबकि लोनी में 303 और संजय नगर में 282 रहा।
यूपी के प्रमुख जिलों का भी बढ़ा AQI-
NCR के अलावा, उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख जिलों में भी हवा की गुणवत्ता खराब हुई है-
शहर AQI
बुलंदशहर 280
बागपत 277
मेरठ 255
मुजफ्फरनगर 205
आगरा 153
प्रयागराज 131
वाराणसी 116
सांस लेने में हो रही परेशानी, दो दिन भारी-
सुबह और रात के समय हल्की ठंड के साथ खराब हवा ने मिलकर लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वायु गुणवत्ता खराब होने के कारण लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कतें महसूस हो रही हैं। सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान 19.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
CPCB का पूर्वानुमान है कि अगले 2 दिनों में हवा की गुणवत्ता और भी ‘खराब श्रेणी’ या ‘अति गंभीर श्रेणी’ में पहुंच सकती है, जो सांस संबंधी रोगियों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनें और बाहरी गतिविधियों से बचें। वहीं, प्रशासन ने भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए Graded Response Action Plan (GRAP) के तहत जरूरी कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है।











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