नई दिल्ली : दिल्ली के सरकारी स्कूलों में क्लासरूम निर्माण में कथित भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को समन जारी किया है. पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को 9 जून और पूर्व पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन को 6 जून को ACB दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया है. यह मामला 12,748 क्लासरूम के निर्माण में कथित 2,000 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा है. आखिर इस जांच की जरूरत क्यों पड़ी और यह मामला इतना विवादास्पद क्यों है?
यह घोटाला पहली बार 2019 में तब सामने आया जब बीजेपी नेताओं कपिल मिश्रा, हरीश खुराना और नीलकांत बख्शी ने दिल्ली सरकार पर क्लासरूम निर्माण में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया. शिकायत के अनुसार प्रत्येक क्लासरूम का निर्माण लागत 24.86 लाख रुपये प्रति कमरा था, जबकि सामान्य रूप से दिल्ली में ऐसे कमरे पांच लाख रुपये में बनाए जा सकते हैं. केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की 2020 की रिपोर्ट में भी CPWD नियमों, वित्तीय दिशानिर्देशों और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की बात सामने आई. इस रिपोर्ट में कहा गया कि सेमी-पर्मानेंट स्ट्रक्चर (SPS) के लिए 8,800 रुपये प्रति वर्ग फुट की लागत ली गई, जो सामान्य लागत से पांच गुना अधिक थी.
एसीबी ने 30 अप्रैल 2025 को मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी. जांच में पाया गया कि 2015-16 में स्वीकृत प्रोजेक्ट जून 2016 तक पूरा नहीं हुआ और लागत में 17% से 90% तक की बढ़ोतरी हुई. टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताएं, आप से जुड़े 34 ठेकेदारों को अनुचित लाभ और बिना मांग के अतिरिक्त निर्माण जैसे आरोप लगे. आप ने इसे बीजेपी की राजनीतिक साजिश करार दिया है. मनीष सिसोदिया ने कहा है कि चाहे मेरे, सत्येंद्र जैन, आतिशी या अरविंद केजरीवाल के खिलाफ कितने भी केस दर्ज हों, हम बीजेपी के सामने नहीं झुकेंगे.
सीवीसी और दिल्ली विजिलेंस डायरेक्टोरेट की रिपोर्ट्स में बार-बार अनियमितताओं के उजागर होने और 2019 से लगातार शिकायतों के बाद एसीबी पर कार्रवाई का दबाव था. उपराज्यपाल ने मार्च 2025 में इस जांच को मंजूरी दी. बीजेपी और कांग्रेस ने इसे जनता के पैसे की लूट का मामला बताया. सिसोदिया और जैन जो पहले ही दिल्ली शराब नीति और मनी लॉन्ड्रिंग केस में जमानत पर हैं. अब इस नए मामले में जांच का सामना करेंगे.











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