नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को समाप्त कर उसकी जगह नया कानून लाने के फैसले को करोड़ों गरीबों और कमजोर वर्गों के खिलाफ एक ‘सोची-समझी साजिश’ करार दिया है। शनिवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने सरकार पर तीखा हमला बोला और इस कदम को महात्मा गांधी का अपमान बताया।
‘विश्व के सबसे बड़े रोजगार कार्यक्रम’ पर संकट-
खरगे ने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली थी। इसने न केवल पलायन रोका, बल्कि अकाल और भुखमरी से जूझते गांवों को एक नई संजीवनी दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस योजना से दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और भूमिहीन मजदूरों को यह भरोसा मिला था कि गरीबी की जंग में सरकार उनके साथ खड़ी है।
नए कानून (VB-GRAMJI) की तुलना कृषि कानूनों से की-
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने बिना किसी ठोस अध्ययन या परामर्श के मनरेगा को खत्म कर नया कानून थोप दिया है। उन्होंने इसकी तुलना निरस्त किए जा चुके तीन कृषि कानूनों से करते हुए कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। खरगे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एक ठोस रणनीति बनाकर इस कानून के खिलाफ देशव्यापी जन आंदोलन खड़ा करें।
चुनाव और संस्थाओं के दुरुपयोग पर जताई चिंता-
CWC की बैठक में खरगे ने कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अपनी बात रखी:
मतदाता सूची में धांधली: उन्होंने आशंका जताई कि मतदाता सूची से गरीबों, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के नाम जानबूझकर काटे जा रहे हैं।
जांच एजेंसियों का दुरुपयोग: खरगे ने ED, IT और CBI जैसी संस्थाओं के राजनीतिक इस्तेमाल और नेशनल हेराल्ड मामले के जरिए कांग्रेस नेताओं को बदनाम करने की कोशिशों की निंदा की।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दा: उन्होंने हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों की भी कड़े शब्दों में निंदा की।
क्या है नया बदलाव?
गौरतलब है कि मोदी सरकार ने मनरेगा की जगह “विकसित भारत: रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण)” यानी वीबी-जी राम जी (VB-GRAMJI) अधिनियम, 2025 लागू कर दिया है। यह विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब कानून बन चुका है, जिसका कांग्रेस कड़ा विरोध कर रही है।











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