सहारनपुर। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान सहारनपुर में उस समय बेहद सौहार्दपूर्ण नजारा देखने को मिला जब कैराना की समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने शिविर में पहुँचकर शिवभक्तों को अपने हाथों से भोजन कराया और प्रसाद वितरित किया। उन्होंने धर्म, सेवा और मानवता की भावना से शिविर में भाग लिया, जिससे सामाजिक एकता का एक सशक्त संदेश गया।
इकरा हसन सहारनपुर मार्ग पर स्थित श्री कैलाश धाम शिव कांवड़ सेवा शिविर, शिव सेवा कांवड़ संघ और श्री शिव सेवा समिति शिविर पहुंचीं और वहां श्रद्धालुओं की सेवा की। उन्होंने कहा, “हमारे देश की संस्कृति साझी विरासत है, जिसमें सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए। यही भारत की असली पहचान है।”
शिविर के संचालक संजय कर्णवाल ने उन्हें भगवा पटका पहनाकर और शॉल व चुनरी भेंटकर सम्मानित किया। इकरा हसन ने शिविर में मौजूद भक्तों से आत्मीयता से बात करते हुए संचालक को “मामा” कहकर संबोधित किया, जिससे माहौल और भी आत्मीय बन गया। उन्होंने कहा, “मैंने यहां धर्म नहीं, मानवता देखी है। यही भारत की असली ताकत है। राजनीति को भी इससे सीख लेनी चाहिए।”
इस मौके पर समाजसेवी रम्मी धवन, ललित पोपली, दीपा जुनेजा, वरिष्ठ सपा नेता साजिद चौधरी, सपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य फैसल सलमानी, पार्षद अभिषेक टिंकू अरोड़ा के पुत्र संजू अरोड़ा व पुत्री सिमरन अरोड़ा भी मौजूद रहे।
इकरा हसन का शिवभक्तों को प्रसाद परोसते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोगों ने उनकी इस पहल की खूब सराहना की है। ऐसे समय में जब कांवड़ यात्रा को लेकर कहीं-कहीं विवाद सामने आए हैं, इकरा हसन का यह कदम धार्मिक सौहार्द और भाईचारे का उदाहरण बनकर सामने आया है।
उन्होंने अंत में कहा, “हमें सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए। यही हमारी भारतीयता की पहचान है। मैं सभी शिवभक्तों की आस्था को नमन करती हूं और कामना करती हूं कि हमारा देश प्रेम, अमन और भाईचारे के रास्ते पर आगे बढ़ता रहे।”











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