पोंटिंग ने कहा कि श्रेयस अय्यर की नेतृत्व क्षमता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह इकलौते कप्तान हैं जिन्होंने तीन अलग-अलग टीमों को आईपीएल फाइनल तक पहुंचाया है। इस सत्र में एक व्यक्ति, खिलाड़ी और कप्तान के तौर पर अय्यर का कद काफी बढ़ा है।
पंजाब किंग्स के मुख्य कोच रिकी पोंटिंग ने कहा कि भावुक विराट कोहली को नम आंखों के साथ घुटनों के बल बैठना दिखाता है कि पिछले 18 सत्रों से वह आईपीएल खिताब के लिए कितना बेकरार थे और यह टूर्नामेंट जीतना खिलाड़ियों के लिए कितना मायने रखता है। कोहली मंगलवार को आईपीएल फाइनल के आखिरी पलों अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। उनकी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को छह रन से हराकर 2008 में शुरू हुई इस लीग का खिताब पहली बार जीता।
पोंटिंग ने फाइनल के बाद कहा, ‘आप आखिरी ओवर में उनकी आंखों में देख सकते हैं, उनकी आंखों से आंसू आ रहे थे। खिलाड़ियों के लिए इसका यही मतलब है, सभी के लिए इसका यही मतलब है।’ ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘चेन्नई (सुपर किंग्स) ने कई बार खिताब जीता है, मुंबई (इंडियंस) ने भी कई बार, लेकिन इस टूर्नामेंट को जीतना आसान नहीं है। यह उतना ही कठिन है जितना आप सोच सकते हैं। इस लीग का चैंपियन बनना काफी मुश्किल है।’
कोहली ने चैंपियन बनने के बाद युवा क्रिकेटरों से टेस्ट क्रिकेट का सम्मान करने की सलाह देते हुए कहा था कि खेल का पारंपरिक प्रारूप सर्वोपरि है। पोंटिंग ने अपना खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वह समझ सकते हैं कि कोहली का क्या मतलब था। कोहली ने प्रसारकों से कहा, ‘मेरे करियर के सर्वश्रेष्ठ पलों में से यह एक है, लेकिन फिर भी यह टेस्ट क्रिकेट से पांच पायदान नीचे है। मेरी नजर में टेस्ट क्रिकेट की इतनी इज्जत है।’
उन्होंने कहा, ‘मैं युवाओं से इतना ही आग्रह करूंगा कि टेस्ट क्रिकेट का सम्मान करें। अगर आप टेस्ट क्रिकेट में अच्छा खेलोगो तो दुनिया में कहीं भी जाओगे तो लोग तुम्हारा सम्मान करेंगे। अगर दुनिया में क्रिकेट में सम्मान पाना है तो टेस्ट क्रिकेट खेलो और अपना सब कुछ उसे दे दो।’ खेल के महानतम खिलाड़ियों में से एक पोंटिंग ने क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूप को लेकर कोहली की बतों से सहमति जताई।
पोंटिंग ने कहा, ‘हां, मैं इससे सहमत हूं। मैं शायद खेल के सबसे बड़े शुभचिंतकों में से एक हूं। चाहे मैं कोचिंग कर रहा हूं या कमेंट्री कर रहा हूं, मेरा पहला प्यार टेस्ट क्रिकेट है। वह हमेशा रहेगा। मैं काफी भाग्यशाली था कि कुछ विश्व कप और खेल के सर्वोच्च स्तर पर खेल सका। मैं अब और नहीं खेल सकता, लेकिन अगर खेलने में सक्षम हुआ तो मेरी पसंद टेस्ट क्रिकेट ही होगी।’
पोंटिंग ने कहा, ‘मैं पूरी तरह से समझता हूं कि उनका क्या मतलब है। आप जानते हैं, उनका टेस्ट मैच करियर शानदार था और सीमित ओवरों में उनका करियर और भी बेहतर रहा है। यह अब भी जारी है।’ पोंटिंग ने कहा कि श्रेयस अय्यर की नेतृत्व क्षमता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह इकलौते कप्तान हैं जिन्होंने तीन अलग-अलग टीमों को आईपीएल फाइनल तक पहुंचाया है। इस सत्र में एक व्यक्ति, खिलाड़ी और कप्तान के तौर पर अय्यर का कद काफी बढ़ा है।
अय्यर ने इस सत्र में 17 मैचों में छह अर्धशतकों की मदद से 604 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 50.33 और स्ट्राइक रेट 175 का रहा। पोंटिंग ने कहा, ‘श्रेयस इस सत्र का बहुत अहम हिस्सा रहे हैं, इसमें कोई शक नहीं। व्यक्ति, खिलाड़ी और एक कप्तान के रूप में उनका कद बढ़ा है।’ पोंटिंग ने अय्यर की प्रतिबद्धता की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास था कि दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को इंग्लैंड दौरे के लिए टेस्ट टीम में चुना जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘मैंने सोचा था कि उन्हें टेस्ट टीम में चुना जाएगा, लेकिन चयनकर्ताओं ने दूसरा विकल्प चुना। आप कुछ लोगों की आंखों में प्रतिबद्धता महसूस कर सकते हैं। अय्यर शुरुआत से ही बेहद दृढ़ नजर आ रहे थे। टेस्ट टीम के चयन से पहले भी उन्होंने काफी प्रभावित किया था। वह मेरी तरह ही एक नई टीम, नई फ्रेंचाइजी के साथ आकर तुरंत असर डालने के लिए तैयार थे और उन्होंने ऐसा कर दिखाया। वह अब इकलौते कप्तान हैं जिसने तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमों को आईपीएल फाइनल तक पहुंचाया है। यह अपने-आप में उनके नेतृत्व की कहानी बयां करता है।’











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