नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव को लेकर मौलाना साजिद रशीदी की आपत्तिजनक टिप्पणी ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। इस बयान से नाराज समाजवादी पार्टी (सपा) ने जहां मौलाना की कड़ी आलोचना की है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इसे महिलाओं का अपमान बताते हुए सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, और मौलाना के खिलाफ लखनऊ में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। लेकिन मौलाना अपने बयान पर अड़े हुए हैं। आइए जानते हैं कि आखिर ये पूरा मामला क्या है और क्यों हो रहा है इतना बवाल।
डिंपल यादव को लेकर क्यों भड़के अखिलेश?
मौलाना साजिद रशीदी की डिंपल यादव पर की गई अभद्र टिप्पणी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। अपनी पत्नी के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी को सुनकर अखिलेश ने मौलाना को जमकर लताड़ा। संसद के मानसून सत्र के दौरान जब पत्रकारों ने अखिलेश से इस विवाद पर सवाल किया, तो उन्होंने तीखे अंदाज में जवाब दिया, “क्या पहनकर आएं, ये बताओ? लोकसभा में क्या पहनकर जाएं?”
जब मीडिया ने पूछा कि क्या ये सवाल मस्जिद में पहने गए परिधान को लेकर है, तो अखिलेश ने दो टूक जवाब दिया कि जो कपड़े वे लोकसभा में पहनते हैं, वही उनकी पोशाक हर जगह होगी। अखिलेश का ये बयान सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हो रहा है, और लोग उनकी इस बेबाकी की तारीफ कर रहे हैं।
आखिर क्यों शुरू हुआ ये विवाद?
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई, जब डिंपल यादव संसद भवन के पास स्थित एक मस्जिद में गई थीं। वहां उन्होंने कथित तौर पर सिर पर पल्लू नहीं रखा था, जिसे लेकर मौलाना साजिद रशीदी ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस टिप्पणी ने न सिर्फ सपा कार्यकर्ताओं को नाराज किया, बल्कि पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया। भाजपा ने इस मुद्दे को और हवा दी, इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़कर मौलाना के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए।
मौलाना के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
मौलाना साजिद रशीदी ने एक टेलीविजन डिबेट में डिंपल यादव के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी, जिसके बाद लखनऊ के विभूतिखंड थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बावजूद मौलाना अपने बयान पर कायम हैं। उन्होंने कहा, “अगर डिंपल यादव मंदिर में भी बिना पल्लू के जाएंगी, तो मैं माफी मांग लूंगा।” इस बयान ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
सियासी बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन
इस मामले में सपा और भाजपा के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। जहां सपा ने इसे डिंपल यादव के खिलाफ व्यक्तिगत हमला बताया, वहीं भाजपा इसे महिला सम्मान से जोड़कर मौलाना और सपा पर निशाना साध रही है। इस बीच, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी बनाए रखी है, जिसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोग इसे कांग्रेस की रणनीति मान रहे हैं, तो कुछ इसे मौन समर्थन बता रहे हैं।











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