मेरठ। मेरठ मेडिकल थाने में तैनात सब इंस्पेक्टरों के भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आजाद अधिकार सेना के पदाधिकारियों ने एसएसपी मेरठ से मुलाकात की।
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने एसएसपी डॉक्टर विपिन ताडा से मुलाकात कर संजय शर्मा, पुत्र हरपाल शर्मा, निवासी ग्राम खनौदा, थाना आहार, जिला बुलंदशहर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की मांग की। शिकायत में मेडिकल थाने के सब इंस्पेक्टर बॉबी रानी और विपिन कुमार गौतम पर भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता संजय शर्मा ने आरोप लगाया है कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर नंबर 0272, दिनांक 21/07/2025 झूठी है। उन्होंने बताया कि यह एफआईआर उपनिरीक्षक बॉबी रानी और विपिन कुमार गौतम द्वारा 25 हजार रुपये की उगाही के लिए दायर की गई है। वहीं, रोहन वैद ने दावा किया कि उनकी गाड़ी को भारी नुकसान हुआ है, जबकि संजय शर्मा ने घटना के समय की तस्वीरें प्रस्तुत कर इस दावे का खंडन किया है। तस्वीरों से स्पष्ट हुआ कि गाड़ी को कोई गंभीर नुकसान नहीं हुआ, केवल साइड का शीशा छू गया था।
संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि रोहन वैद ने जानबूझकर अपनी गाड़ी उनकी गाड़ी से टकराई ताकि झूठा मुकदमा दर्ज कर उगाही की जा सके। उपनिरीक्षक बॉबी रानी और रोहन वैद ने तीन दिन तक 25 हजार रुपये की मांग की, जिसे संजय ने मना कर दिया और अपनी गाड़ी के इंश्योरेंस से क्लेम करने की पेशकश की। इसके बावजूद, दोनों उपनिरीक्षक संजय और उनके ड्राइवर को आठ दिन तक थाने बुलाकर परेशान करते रहे और उनकी गाड़ी जब्त कर ली। जमानत प्रक्रिया में भी जानबूझकर देरी की गई, जिससे चार दिन की विलंब हुई।
देवेन्द्र सिंह राणा ने एसएसपी से मांग की है कि एफआईआर नंबर 0272 की जांच क्राइम ब्रांच या भ्रष्टाचार निरोधक शाखा को सौंपी जाए ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो सके। उन्होंने कहा कि सब इंस्पेक्टर बॉबी रानी और विपिन कुमार गौतम के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
आजाद अधिकार सेना ने इस मामले में त्वरित न्याय और पूरी पारदर्शिता की मांग की है और पुलिस प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि दोषियों को सजा दिलाने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।











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