मुजफ्फरनगर। नशे के खिलाफ अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने गुरुवार को मीरापुर कस्बे में बड़ी कार्रवाई की। मेरठ ज़ोन के सीओ भगवान दास के नेतृत्व में मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और मेरठ से पहुंची टीम ने मोहल्ला कमलियान स्थित हर्ष मेडिकल एजेंसी पर छापा मारा। इस दौरान औषधि निरीक्षक पवन कुमार शाक्य (मुजफ्फरनगर) और एसआई नवीन कुमार (नारकोटिक्स, सहारनपुर) सहित कई अधिकारी शामिल रहे।
टीम ने मेडिकल एजेंसी पर रखी गई दवाओं की करीब डेढ़ घंटे तक गहन जांच की और संचालक दिनेश कुमार से पूछताछ की। हालांकि इस दौरान कोई प्रतिबंधित दवा बरामद नहीं हुई, लेकिन छापेमारी की सूचना फैलते ही इलाके के अन्य मेडिकल स्टोरों में हड़कंप मच गया। कई दुकानों ने डर के चलते अपने शटर डाउन कर दिए।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिन पहले स्थानीय नागरिकों ने उच्च अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजकर कस्बे के पड़ाव चौक और आसपास के मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की खुलेआम बिक्री का आरोप लगाया था। शिकायत में यह भी कहा गया था कि शाम के समय इन दुकानों पर नशे के आदी युवाओं की भीड़ जमा होती है, जिन्हें आसानी से नशीली गोलियां, सिरप और इंजेक्शन दिए जाते हैं।
इस सूचना के आधार पर टास्क फोर्स ने छापेमारी की। सीओ भगवान दास ने बताया कि जांच एक गोपनीय सूचना के आधार पर की गई थी, जिसमें फिलहाल सब कुछ सामान्य मिला है, लेकिन अभियान जारी रहेगा और सभी मेडिकल स्टोरों की जांच की जाएगी। यदि किसी को अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने टास्क फोर्स की सक्रियता की सराहना की है और उम्मीद जताई कि इससे कस्बे के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर लाने में मदद मिलेगी। बता दें कि करीब एक वर्ष पूर्व तत्कालीन एसडीएम सुबोध कुमार ने भी कुछ मेडिकल स्टोर संचालकों पर कार्रवाई की थी, बावजूद इसके नशे का कारोबार थमा नहीं है।










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