मेरठ। मेडिकल कॉलेज मेरठ में स्तन पान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को इस बारे में जानकारी दी गई। एलएलआरएम के बालरोग विभाग के तत्वावधान में स्तन पान जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डा0 नवरतन गुप्ता ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि मॉ का दूध शिशु के सर्वांगीण विकास के लिये कितना महत्वपूर्ण है। मॉ का शुरूआती दूध (कोलोस्ट्रम) जो कि गाढा पीला होता है। यह बच्चे का प्रकृति प्रदत्त प्रथम टीकाकरण है। इसको लेकर समाज में कई भ्रातियॉ है परन्तु यह शिशु के लिये अत्यन्त आवश्यक होता है।
डा0 मोनिका कश्यप, सह आचार्य स्त्री रोग विभाग ने स्तनपान कराने के सही तरीके के बारे में जानकारी दी। डा0 अनुपमा वर्मा, विभागध्यक्ष, बाल रोग विभाग ने विशेष परस्थियों में स्तनपान की समस्याओं के निवारण के उपाय बताये। उन्होंने बताया कि एचआईवी से ग्रसित मॉ को या तो सिर्फ अपना दूध अथवा सिर्फ पाउडर वाला दूध देना चाहिये। किसी भी परिस्थितियों में दोनो दूध एक साथ नही देना चाहिये क्येाकि इससे नवजात में एचआईवी का खतरा कई गुणा बढ जाता है।
डा0 नीलम गौतम, सह आचार्य, एसपीएम विभाग ने नवागंतुक एमबीबीएस छात्रों को स्तनपान के फायदे के बारे में जागरूक किया।
कार्यक्रम में बालरोग विभाग के शिशुओं एवं प्रसूता माताओं एवं उनके तीमारदारों को विस्तार से ‘स्तनपान के फायदे’ सही तरीका एवं नवजात की देखभाल के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम समापन में डा0अनुपमा वर्मा ने अतिथियों का धन्यवाद करते हुए नवागंतुक एमबीबीएस के छात्रों एवं प्रसूता माताओं एवं तीमारदारों को छह माह तक सिर्फ स्तनपान की शपथ दिलाई गयी। कार्यक्रम का संचालन डॉ.आयशा सैफी सहायक आचार्य, बालरोग विभाग द्वारा किया गया|
कार्यक्रम में डा0 आर0सी0गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कालेज, मेरठ, डा0 मीरा जैन, वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ, डा0 राजीव प्रकाश, वरि0 बालरोग विशेषज्ञ, डा0 योगिता सिंह, विभागाध्यक्ष, मेडिसिन विभाग, डा0 शकुन सिंह, विभागाध्यक्ष, गायनी विभाग, डा0 संजीव कुमार, विभागाध्यक्ष, एस0पी0एम0 विभाग, डा0 गौरव गुप्ता, विभागाध्यक्ष, सर्जरी, विभाग, डा0 अरूणा वर्मा, डा0 सुरूची एवं बालरोग विभाग के रेजिडेन्ट डाक्टर उपस्थित रहे।











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