मुजफ्फरनगर। ऑनलाइन ठगों ने एक बार फिर मानवता को शर्मसार करते हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक शहीद सिपाही की बेटी को अपना निशाना बनाया। ठगों ने पेंशनर्स को मिलने वाली गैलेंट्री ग्रांट जारी करने का झांसा देकर उनसे कई किश्तों में साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर साइबर सेल के माध्यम से मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह सनसनीखेज मामला शहर के खालापार थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहल्ला दक्षिणी कृष्णापुरी का है। यहां की निवासी विदुषी मलिक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता तेजपाल सिंह मलिक बीएसएफ में सिपाही थे, जो 26 सितंबर 1999 को शहीद हो गए थे।
पीड़िता के अनुसार, कुछ दिन पहले उन्हें एक फोन आया। फोन करने वाले ने बताया कि तेजपाल सिंह मलिक के नाम पर 3.70 लाख रुपये का गैलेंट्री ग्रांट जारी हुआ है, जो निरस्तीकरण कोष में पड़ा है। ठग ने झांसा दिया कि शहीद की पत्नी को यह धनराशि वर्ष 2023 से 2026 तक मिलेगी। इसके बाद, विवेक राजपूत नामक अधिकारी के सहायक गुलाटी बनकर एक अन्य ठग ने फोन किया और ग्रांट जारी करने की एवज में पहले 24,600 रुपये की मांग की।
पीड़िता ने उनके झांसे में आकर रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने फंड स्वीकृत कराने के नाम पर 74,600 रुपये, फिर 97 हजार रुपये और अंत में इनकम टैक्स के नाम पर 1.66 लाख रुपये और ले लिए। पीड़िता के अनुसार, ठगों ने उनसे कुल लगभग 3.62 लाख रुपये की ठगी कर ली। जब काफी समय बीतने के बाद भी उनके पेंशन खाते में ग्रांट की रकम नहीं आई, तो उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सभी नंबर बंद मिले। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच साइबर सेल को सौंप दी है।










Discussion about this post