मुजफ्फरनगर। सिसौली में आयोजित भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की मासिक पंचायत में प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों को संगठन से जुड़े रहने और एकता बनाए रखने का संदेश दिया। किसान भवन परिसर में लगे 39 साल पुराने बरगद के पेड़ का उदाहरण देते हुए टिकैत ने कहा कि जो लोग संगठन छोड़कर चले गए हैं, वे उस पेड़ पर लटके चमगादड़ की तरह हैं, जिनका कोई महत्व नहीं है।
पंचायत शुरू होने से पहले टिकैत कार्यकर्ताओं संग बरगद के पेड़ के नीचे पहुंचे और संगठन की जड़ों से जुड़े रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन की ताकत एकता और त्याग से आती है। यूनियन के बुजुर्ग कार्यकर्ता धर्मवीर सिंह को सम्मानित करते हुए टिकैत ने याद दिलाया कि उन्होंने महेंद्र सिंह टिकैत के साथ मिलकर किसान आंदोलन में 13 महीने तक डटे रहकर योगदान दिया।
टिकैत ने कहा कि सरकार ग्रामीण इलाकों के स्कूल बंद करने की तैयारी कर रही है, जिससे गांव और गरीब के बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने स्मार्ट मीटर का भी विरोध जताया।
भाकियू प्रवक्ता ने कहा कि किसानों को फिजूलखर्ची और नशे से बचना होगा। उन्होंने चेताया कि किसान एक साल की गन्ने की आमदनी से भी महंगे मोबाइल खरीद रहे हैं, जबकि यह एक “साइलेंट वार” है। उन्होंने नगदी फसलें जैसे गेहूं, चावल और उड़द उगाने पर जोर दिया। युवाओं से शिक्षा और व्यावसायिक रोजगार की ओर ध्यान देने का आह्वान किया।
जो किसान अपने पशुओं और औजारों को स्वच्छ और सुव्यवस्थित रखेंगे, उन्हें संगठन सम्मानित करेगा।
कार्यकर्ताओं को पुराने साथियों के परिवारों से दोबारा जुड़ने की अपील की गई।
त्योहारों पर कपड़े-मिठाई की जगह नकद मदद देने का सुझाव दिया गया।
किसानों को पारंपरिक खेती के साथ तकनीकी ज्ञान (बिजली मिस्त्री, ट्रैक्टर व वाहन मरम्मत) भी सीखने की नसीहत दी गई।
पंचायत का संचालन ओमपाल मलिक ने किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष नवीन राठी, गौरव टिकैत, शांता कुमार, अनुराग, अनिल मलिक, कपिल खाटियान, मांगे राम, अंकुर और ब्रिजेश समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।










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