शामली। शामली सामान्य अस्पताल (सीएचसी) के चिकित्सा निदेशक के कार्यालय में हुई डकैती ने एक अप्रत्याशित मोड़ ले लिया है। चिकित्सा निदेशक डॉ. दीपक चौधरी ने शुरुआत में दावा किया था कि अलमारी से 5,00,000 रुपये से ज़्यादा की नकदी चोरी हुई है, लेकिन पुलिस जाँच में पता चला है कि चोरी की गई राशि सिर्फ़ 60,000 रुपये थी।
पुलिस ने इस चोरी के आरोप में एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जो चिकित्साधीक्षक के कार्यालय पर झाड़ू-पोछे का काम करता था। पुलिस ने चोरी के कुल 60 हजार रुपये में से 32 हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई एक बिसौली बरामद कर ली है। हालांकि, शुरुआत में बताई गई 5 लाख रुपये की भारी रकम और पुलिस द्वारा बताई गई 60 हजार रुपये की राशि के बीच का बड़ा अंतर अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह घटना 19 अक्टूबर 2025 की बताई गई है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी दीपावली का त्यौहार मनाने अपने घर गए थे। जब वह वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि कैंप कार्यालय का जंगला उखड़ा हुआ था और अंदर की अलमारी टूटी हुई थी। डॉक्टर ने 21 अक्टूबर को कोतवाली थाने में तहरीर दी, जिसमें उन्होंने 5 लाख से अधिक की चोरी का दावा किया था।
करीब 10 दिनों तक चोरी का खुलासा न होने पर डॉक्टर ने स्टाफ के साथ कोतवाली पहुँचकर धरना प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे और आरोप लगाया था कि पुलिस खुलासे के बजाय उनसे यह सवाल कर रही है कि 5 लाख रुपये कहाँ से आए।
सोमवार को सीओ सिटी अमरदीप मौर्य ने अपने कार्यालय पर इस चोरी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि थाना आदर्श मंडी क्षेत्र के गाँव बधेव निवासी विपिन कुमार को गिरफ्तार किया गया है। विपिन चिकित्साधीक्षक के कार्यालय पर झाड़ू लगाने का काम करता था और उसके पास कार्यालय की चाबी भी थी।
सीओ ने बताया कि विपिन ने चाबी से कार्यालय खोलकर अलमारी तोड़ी और करीब 60 हजार रुपये की नकदी चोरी करने की बात स्वीकार की है। आरोपी ने बताया है कि उसने बाकी रकम खर्च कर दी है। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी ने चोरी के बाद पुलिस और डॉक्टर को गुमराह करने के लिए जानबूझकर कैंप कार्यालय का जंगला उखाड़ दिया था, ताकि यह किसी बाहरी चोर की करतूत लगे।
सीओ मौर्य ने स्पष्ट किया कि डॉक्टर ने एफआईआर में चोरी की रकम स्पष्ट नहीं की थी, लेकिन गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ में चोरी हुई रकम के रूप में सिर्फ 60 हजार रुपये की धनराशि ही सामने आई है। पुलिस का कहना है कि अभी भी मामले की जाँच-पड़ताल जारी है।











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