लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने श्रावण मास में चल रही कांवड़ यात्रा के मद्देनजर यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले ढाबा संचालकों से विशेष अपील की है कि वे मिलावटी या अशुद्ध खाद्य सामग्री न परोसें, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हों। उन्होंने कहा कि पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग मिलकर इस पर नजर रख रहे हैं। अगर किसी ढाबा या खानपान के स्थान पर गड़बड़ी की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार को लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस करते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि आगरा, बरेली, मेरठ और प्रयागराज जोन में कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष सुरक्षा और व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान की सीमाओं पर तैनात अधिकारियों से भी समन्वय स्थापित किया गया है ताकि कोई बाधा न आए।
डीजीपी ने बताया कि ढाबा संचालकों को केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन परोसने की हिदायत दी गई है। इसके लिए फूड सेफ्टी की अधिकृत एजेंसियों के अफसर निगरानी में तैनात हैं। वहीं, पुलिस सुरक्षा और समन्वय के लिए पूरे रूट पर सक्रिय है। यात्रा मार्ग पर हर 1 किलोमीटर पर पुलिस पेट्रोलिंग, संवेदनशील स्थानों पर अस्थायी चौकियां, और ड्रोन व CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है।
राजीव कृष्ण ने बताया कि यात्रा मार्ग की सुरक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जा रही है। मेरठ जोन में ट्रैफिक स्कीम लागू की गई है और सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस गोताखोरों की तैनाती भी की गई है ताकि आपात स्थिति में फौरन मदद मिल सके।
डीजीपी ने बताया कि DJ की ऊंचाई और ध्वनि को लेकर नियम बनाए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। अवैध धर्मांतरण पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जो भी लॉ एंड ऑर्डर के खिलाफ कार्य करेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी। धर्मांतरण के मामलों की ATS जांच कर रही है, और सबूत मिलने पर दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा।











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