बागपत। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे के किनारे रिहायशी इलाके के बाहर 12 करोड़ रुपये की लागत से नाला बनाया जाएगा। इसके बाद भी जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा। क्योंकि हाईवे के अंत में नाले का पानी कहां डाला जाए, इसकी कोई व्यवस्था नहीं है। समस्या के समाधान के लिए पांच अफसरों की कमेटी अध्ययन कर अपने सुझाव देगी।
जिले में करीब 500 करोड़ रुपये से बने दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे 709बी की लंबाई 51 किमी है। मगर हाईवे की जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह पानी सड़क पर रहता है। इस कारण सड़क टूटने के साथ ही हादसे हो जाते हैं। एडीएम वित्त पंकज वर्मा ने नेशनल हाईवे किनारे जल निकासी के लिए अधिकारियों संग मंथन किया।
इसमें एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने अवगत कराया कि गांवों की नालियों के पानी को हाईवे के नाले में डाला जा रहा है। गांवों की नालियों में आने वाला कूड़ा-कचरा हाईवे के नालों को अवरुद्ध कर रहा है। इस कारण हाईवे पर जल भराव की समस्या बढ़ रही है। इसलिए आबादी क्षेत्र से बाहर हाईवे किनारे दोनों तरफ नालों का निर्माण कराने को 12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव एनएचएआई मुख्यालय को भेजा गया है।











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