मुजफ्फरनगर। मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम ने थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के शहाबुद्दीनपुर रोड स्थित रामपुर कॉलोनी में एक मकान पर 9 घंटे तक छापेमारी की। यह छापेमारी अंकित नामक युवक के घर पर की गई, जो कभी लखनऊ स्थित एक दवा सप्लाई कंपनी से जुड़ा हुआ था। छापेमारी लखनऊ और पंजाब (जालंधर) की टीमों ने की।
टीम सुबह करीब 12 बजे पहुंची और रात 9 बजे तक तलाशी अभियान जारी रहा। इस दौरान घर के हर हिस्से- कमरे, मचान, किचन और यहां तक कि वॉशरूम की भी तलाशी ली गई। अंकित की मां पालो देवी ने बताया कि छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने गहन पूछताछ की लेकिन कोई ठोस बरामदगी नहीं हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका बेटा अब ड्रग्स कारोबार से कोई संबंध नहीं रखता और फिलहाल कपड़े की फेरी कर मजदूरी कर रहा है।
पालो देवी ने आगे बताया कि पहले उनका एक मेडिकल स्टोर अलमासपुर में था, लेकिन वह अब बंद हो चुका है। इसके बाद परिवार रामपुरी में आकर रहने लगा और दवाई के व्यवसाय से पूरी तरह अलग हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि अंकित ने अपना मेडिकल लाइसेंस अक्षय नाम के व्यक्ति को दिया था, लेकिन बाद में वह लाइसेंस सरेंडर नहीं किया गया। पालो देवी ने बताया कि उन्हें यह भी नहीं पता कि अक्षय अब कहां है और क्या कर रहा है।
पालो देवी (अंकित की माता) ने बताया कि “उन्होंने पूरा घर देख डाला, लेकिन कुछ भी नहीं मिला। मेरा बेटा अब मेहनत-मजदूरी कर रहा है, कपड़े की फेरी लगाता है। मेडिकल का काम बहुत पहले बंद हो चुका है।”










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