मुज़फ्फरनगर। जिलाधिकारी कार्यालय का कर्मचारी बनकर एक युवक द्वारा गरीब परिवार से धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने ज़मीन संबंधी कागजात निकलवाने के नाम पर पीड़ित परिवार से ₹11,500 ऐंठ लिए और न तो उनका कार्य किया और न ही रकम लौटाई। मामला प्रकाश में आने पर जिलाधिकारी ने सख्ती दिखाई और तत्काल जांच के आदेश दिए।
शामली जिले के ग्राम भैसवाल निवासी यशपाल और कृष्णा ने जिलाधिकारी को दी शिकायत में बताया कि उनकी 42 बीघा जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। इसी समस्या से परेशान होकर वे तहसील पहुंचे थे, जहाँ उनकी मुलाकात अंकित कुमार नामक युवक से हुई।
अंकित ने खुद को जिलाधिकारी कार्यालय का कर्मचारी बताते हुए उनका काम कराने का विश्वास दिलाया और ₹15,000 की मांग की। गरीब परिवार ने भरोसा करते हुए उसे ₹11,500 दे दिए, जिसमें से ₹10,000 ऑनलाइन और ₹1,500 नकद दिए गए।
पीड़ितों का आरोप है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो उनका काम हुआ और न ही अंकित ने रकम लौटाई। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने उन्हें गालियां दीं और यहां तक कि जान से मारने की धमकी भी दे डाली।
पीड़ितों ने बताया कि वे बाल्मीकि समाज से आते हैं और यह रकम उनके लिए बेहद अहम है।
पीड़ित परिवार जब जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा और पूरी घटना बताई, तो जिलाधिकारी की त्यौरियां चढ़ गईं। उन्होंने मामले को गंभीर मानते हुए जांच कराने और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पीड़ितों ने मांग की है कि उन्हें उनकी ठगी गई राशि वापस दिलाई जाए और आरोपी को सख्त सजा मिले।










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