मुजफ्फरनगर। सरधना से पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम रविवार को मुजफ्फरनगर के नई मंडी क्षेत्र में भोपा रोड पर आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी, जिसने एक बार फिर सुर्खियां बटोरीं। अपने संबोधन में संगीत सोम ने राजनीतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक मुद्दों पर तीखे बयान दिए।
संगीत सोम ने रामजीलाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “जो अखिलेश यादव कहेंगे, वह तो वही बोलेंगे।“ इसके साथ ही उन्होंने राणा सांगा को लेकर टिप्पणी करने वालों को चेतावनी दी और कहा, “जो राणा सांगा पर टिप्पणी करेगा, वह देश में नहीं पनप पाएगा। उसका राजनीतिक करियर खत्म हो जाएगा।“ संगीत सोम ने इस बयान से साफ कर दिया कि वह ऐतिहासिक शख्सियतों के सम्मान को लेकर बेहद संवेदनशील हैं।
संगीत सोम ने अपने संबोधन में मथुरा और काशी का जिक्र करते हुए कहा कि जल्द ही वहां भव्य मंदिर बनने वाले हैं। उन्होंने इसे लेकर उत्साह जताया और इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उनके इस बयान को हिंदुत्व के एजेंडे से जोड़कर देखा जा रहा है।
हाल ही में मेरठ में हुई घटना का जिक्र करते हुए संगीत सोम ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा, “कम से कम फांसी तो होनी चाहिए।“ इसके अलावा चरथावल में हुई घटना पर भी उन्होंने सख्त टिप्पणी की और कहा, “ऐसे गुंडों को समाज में रहने का अधिकार नहीं है। उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।“
संगीत सोम ने मुगल शासकों औरंगजेब और अकबर को लेकर भी विवादित बयान दिए। उन्होंने कहा, “औरंगजेब की चर्चा तो भारत में होने ही नहीं चाहिए। अब तक तो उसकी कब्र को समंदर में फेंक देना चाहिए था।
बहुत जल्द औरंगजेब की कब्र समंदर में चली जाएगी।“ इसके साथ ही उन्होंने अकबर पर भी निशाना साधा और कहा, “अकबर के नाम पर तो किसी को भी नाम नहीं रखना चाहिए। अकबर एक आक्रांत व्यक्ति था। जो देश का सच्चा मुसलमान होगा, वह अपने बच्चे का नाम अकबर नहीं रखेगा।
मुजफ्फरनगर के नई मंडी में भोपा रोड पर आयोजित किया गया था। संगीत सोम के समर्थकों और स्थानीय लोगों ने इस दौरान उनकी बातों को ध्यान से सुना। उनके बयानों ने जहां कुछ लोगों का समर्थन हासिल किया, वहीं कुछ ने इसे विवादास्पद भी करार दिया।










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