मुजफ्फरनगर। नई दिल्ली- पिछले एक महीने से चर्चाओं का केंद्र बने कांस्टीट्यूशनल क्लब के चुनाव में मुजफ्फरनगर के पूर्व सांसद डॉक्टर संजीव बालियान चुनाव हार गए हैं । बीजेपी के सारण बिहार से सांसद राजीव प्रताप रूडी 100 से ज़्यादा वोट से चुनाव जीत गए हैं। प्रतिष्ठा का सवाल बने इस चुनाव की पहले कभी चर्चा नहीं होती थी लेकिन मुजफ्फरनगर के पूर्व सांसद डॉक्टर संजीव बालियान द्वारा भी मैदान में उतरने से यह चुनाव चर्चा का विषय बन गया था ।
पिछले 25 साल से पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के सारण से लोकसभा सांसद राजीव प्रताप रूडी इस पद पर निर्विरोध काबिज थे और उन्होंने अपना कब्जा बरकरार रखा है । चुनाव जीतने पर बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि मैं 100 से ज्यादा वोटों से जीता हूं। अगर इसे 1000 वोटों से गुणा किया जाए, तो यह संख्या 1 लाख हो जाती है। यह मेरे पैनल की जीत है मैं आभार व्यक्त करना चाहूंगा। सभी पार्टियों के नेताओं ने इसमें भागीदारी ली।
रूडी ने कहा कि मेरे पैनल में बीजेपी, कांग्रेस, सपा, टीएमसी, TDP और निर्दलीय सदस्य भी थे। सबकी मेहनत से ये कामयाबी मिली है तो मैं उन सभी का आभार व्यक्त करना चाहूंगा। मुझे लगता है कि मेरे सांसद मित्रों और मेरी टीम और मुझे पिछले दो दशकों की मेहनत का फल मिला है। इससे पहले काउंटिंग की शुरुआत में रूडी और बालियान के बीच मुकाबला कांटे का था, लेकिन जैसे-जैसे काउंटिंग के राउंड आगे बढ़े रूडी ने निर्णायक बढ़त बना ली।
बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया का चुनाव जीतने पर उनकी पत्नी नीलम प्रताप सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कुछ पल बहुत तनावपूर्ण थे,लेकिन फिर हम निश्चिंत हो गए। हम सबके साथ जश्न मनाएंगे।
दोनों नेताओं के बीच चुनावी मुकाबला शुरू से ही बहुत कांटे का बना हुआ था और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समेत दिग्गज नेता एक गाड़ी में ही मतदान करने आए थे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, स्मृति ईरानी, जया बच्चन और कंगना रनौत समेत अन्य दिग्गजों ने भी वोट डाले।
मुजफ्फरनगर और शामली से पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, पूर्व सांसद कादिर राणा, पूर्व सांसद सईदुज्जमा, कैराना की पूर्व सांसद तबस्सुम बेगम भी इस चुनाव में मतदाता थी । सूत्रों के मुताबिक इनमे एक वोट बालियान और 3 वोट रूडी को मिली है।
मतगणना में शुरू से ही दोनों नेताओं के बीच कांटे का मुकाबला रहा , पहले चरण की गिनती पूरी होने तक दोनों ही 22-22 वोट लेकर बराबरी पर रहे। पोस्टल बैलट एक तरफ़ा रूडी के पक्ष में गए । बताया जाता है कि 38 मतदाताओं ने पोस्टल बैलट से मतदान किया और सभी 38 के 38 वोट राजीव प्रताप रूडी को मिली है।
हरियाणा से सांसद और प्रमुख उद्योगपति नवीन जिंदल आज जब अपनी वोट डालने पहुंचे तो पता चला कि उनका वोट पोस्टल बैलट के जरिए पहले ही डल चुका था इसको लेकर कुछ देर हंगामे की स्थिति भी बनी रही । पोस्टल बैलेट में एकतरफा मतदान से साफ़ है कि उनका भी वोट राजीव प्रताप रूडी के समर्थन में गया है।
मुजफ्फरनगर के वर्तमान सांसद हरेंद्र मलिक, कैराना की संसद सदस्य इकरा हसन और बिजनौर के सांसद चंदन चौहान ने अभी इस क्लब की सदस्यता नहीं ली है, इसलिए तीनों ने मताधिकार का प्रयोग नहीं किया है लेकिन इकरा हसन अपनी माता का वोट डलवाने वहाँ आई थी ।
आज के चुनाव का एक मनोरंजक पहलू यह भी रहा कि देश में ईवीएम को लेकर सवाल उठाए जाते हैं कि वोट डालो कहीं, जाएगी बीजेपी पर ही, ऐसा ही आज के चुनाव में हुआ कि देश में सभी विपक्षी दलों के सांसदों ने मतदान किया लेकिन उन्होंने किसी न किसी बीजेपी नेता को ही वोट दी है क्योंकि दोनों ही प्रत्याशी डॉक्टर संजीव बालियान और राजीव प्रताप रूडी भारतीय जनता पार्टी के ही वरिष्ठ नेता हैं। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसदों ने एक तरफ़ा रूडी का समर्थन किया।
पेशे से पायलट राजीव प्रताप रूडी 1996 में पहली बार लोकसभा का चुनाव बिहार के छपरा सीट से बीजेपी के टिकट पर जीते थे, इसके बाद 1999 के चुनाव में उन्होंने बाजी मारी और 2004 तक सांसद रहे. 2001 में वो वाजपेयी सरकार में मंत्री बने। 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्हें छपरा सीट से लालू यादव ने हराया, इसके बाद वो 2010 में वे राज्यसभा भेजे गए। 2014 में वो सारण सीट से लड़े और जीते, उन्होंने तब राबड़ी देवी को हराया था, जीत के बाद वो मोदी सरकार में मंत्री बने, वो अगस्त 2017 तक मंत्री रहे। राजीव प्रताप रूडी ने 2019 और 2024 के चुनाव में भी सारण सीट से जीत दर्ज की। 2024 के चुनाव में उन्होंने लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य को मामूली अंतर से हराया था। हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति 8,37,11,219 ₹ है। उन पर कुल 6,56,891 की देनदारी है।
अचल संपत्ति: रूडी ने अपने हलफनामे में बिहार और दिल्ली में कई संपत्तियों का जिक्र किया है। इनमें पटना और दिल्ली में आवासीय संपत्तियां, कृषि भूमि, और कुछ व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। उनकी अचल संपत्ति का मूल्य 5,91,29,082 रुपये है।
चल संपत्ति: रूडी के पास बैंक जमा, शेयर, म्यूचुअल फंड, और अन्य निवेश हैं। इसके अलावा, उनके पास कुछ महंगे वाहन और गहने भी हैं, जिनका मूल्य लाखों में है। उनकी कुल चल संपत्ति 2,45,82,134 ₹ दर्शाई गई है।
देनदारियां: रूडी ने कुछ ऋणों का भी उल्लेख किया है, जो मुख्य रूप से व्यवसाय और संपत्ति से संबंधित हैं, लेकिन ये उनकी कुल संपत्ति की तुलना में अपेक्षाकृत कम हैं। यह महज 6,56,891 की है।
संजीव बालियान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े जाट नेता माने जाते हैं। बालियान 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर की सीट से जीते, हालांकि उन्हें 2024 के चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। वो मोदी कैबिनेट में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। संजीव बालियान एक तेज-तर्रार नेता के रूप में जाने जाते हैं। उनके हलफनामे से उनकी संपत्ति की स्थिति का पता चलता है। उनकी कुल संपत्ति 3,11,39,902 बताई गई है। हलफनामे के मुताबिक उन पर कोई देनदारी नहीं है।
अचल संपत्ति: बालियान के पास मुजफ्फरनगर, नोएडा, और अन्य क्षेत्रों में आवासीय और कृषि संपत्तियां हैं। उनकी अचल संपत्ति का मूल्य हलफनामे के अनुसार 49,35,000 है।
चल संपत्ति: बालियान के पास बैंक जमा, कुछ शेयर, और अन्य वित्तीय निवेश हैं। उनके पास कुछ वाहन और गहने भी हैं। उनके पास 2,62,04,902 की चल संपत्ति बताई गई है।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया का महत्व यह है कि यह देश के सांसदों और पूर्व सांसदों का क्लब है, जिसके चलते इसे मिनी संसद भी कहा जाता है। इस क्लब की स्थापना साल 1947 में हुई. संविधान सभा के सदस्यों के संवाद हेतु इसकी बुनियाद पड़ी।इसकी औपचारिक संरचना 1965 में राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन द्वारा उद्घाटन के साथ स्थापित हुई थी।










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