मुज़फ्फरनगर। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव दूधाहेड़ी में कुछ दिन पहले गाय छोड़ने के विवाद को लेकर भड़की हिंसा के बाद गुरुवार को कश्यप समाज के दर्जनों पीड़ित जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जाट समाज के दबंग युवकों द्वारा की गई मारपीट में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।
धरना दे रहे राजेश कुमार ने बताया, “मेरी भाभी ने जब दरवाज़े पर बंधी गाय हटाने को कहा, तो आरोपियों ने कपड़े फाड़ते हुए उन्हें नाली में घसीटा और परिवारवालों को पीटा।” पीड़ितों का कहना है कि घायल महिलाओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है, पर गांव में तनाव बरक़रार है।
रीता देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाते हुए चेतावनी दी, “जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, हम डीएम कार्यालय से नहीं हटेंगे।”
पीड़ित पक्ष का दावा है कि मुक़दमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई शून्य रही, जिस कारण आज उन्हें धरना देने का रास्ता अपनाना पड़ा। उधर, प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच तेज़ की जाएगी और दोषियों पर सख़्त कार्रवाई होगी।










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