मुज़फ्फरनगर। श्रावण मास के पावन अवसर पर रामलीला टीला स्थित पावन धरा पर श्री शिव महापुराण कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। शुभारंभ से पूर्व शनिदेव मंदिर से दिव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई, जिसमें 108 सुहागिन महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर नंगे पांव नगर भ्रमण किया।
बैंड-बाजों की मनमोहक धुनों पर झूमते श्रद्धालु और महिलाएं सावन की रिमझिम फुहारों में भीगते हुए नगर की गलियों से होते हुए कथा स्थल पहुँचे। श्रद्धा से ओतप्रोत वातावरण में कथा स्थल शिवमय हो उठा, जहां बड़ी संख्या में भक्तों ने उपस्थिति दर्ज कराई।
काशी निवासी पूज्य गंगोत्री तिवारी ‘मृदुल’ महाराज ने श्री शिव महापुराण की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कथा का आरंभ किया। उन्होंने कहा कि “सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस पावन मास में शिव महापुराण का श्रवण, पूजन और दान करने से अनंत गुणा फल की प्राप्ति होती है।”
कथा के दौरान देवराज ब्राह्मण, चंचुला और बिंदुग जैसे पात्रों की जीवन कथाओं को सुनाकर महाराज ने बताया कि शिव महापुराण का श्रवण पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग है। उन्होंने कहा, “कलियुग में यह कथा ही जीवन को पावन बना सकती है।”
इस अवसर पर मांगेराम कश्यप व राजाराम शर्मा ने अपने परिवार सहित व्यासपीठ का पूजन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।
इस आयोजन में सक्रिय सहयोग व सहभागिता देने वालों में प्रमुख रूप से पंकज गर्ग, नीरज गर्ग, सचिन सैन, राजेन्द्र हलवाई, रविन्द्र सैनी, रामबीर, श्याम सिंह कश्यप, मनोज कश्यप, विकास कश्यप, विकास बॉबी, रमेश चन्द गुप्ता, छेदी राम पाण्डेय, डॉ. ललित शर्मा, उर्मिला, सविता सेन, आरती सेन, मंजू चौधरी, सुमित्रा चौधरी समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और शिवभक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला।










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