मेरठ। पुलिस की वर्दी पहनकर ठगी करने वाला हेड कांस्टेबल खुद जालसाज निकला। मुजफ्फरनगर निवासी और गाजियाबाद में तैनात हेड कांस्टेबल इमरान को गुरुवार रात मेरठ पुलिस ने बड़े ठगी रैकेट का मास्टरमाइंड बताते हुए गिरफ्तार कर लिया। इमरान नकली नोटों की गड्डी बनाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था। उसके साथ तीन अन्य आरोपियों को भी पकड़ा गया है, जबकि गिरोह के तीन सदस्य फरार हैं।
पुलिस ने इमरान के पास से एक लग्जरी कार, नकली नोटों की 18 गड्डी (500 रुपये) और 19 गड्डी (200 रुपये) बरामद की हैं। इन गड्डियों के ऊपर और नीचे असली नोट थे, जबकि बीच में सिर्फ कागज भरा हुआ था। हर गड्डी में ऊपर-नीचे असली ₹25,600 के नोट लगाए गए थे ताकि झांसा दिया जा सके।
गिरोह ने हाल ही में मुरादाबाद के तीन दोस्तों को निशाना बनाया और उन्हें जाली करेंसी देने के बदले ₹10.40 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत मिलने पर पुलिस ने सक्रियता दिखाई और हेड कांस्टेबल इमरान, उसके साले वसीम, सलीम और हासिम (सभी मेरठ निवासी) को गिरफ्तार कर लिया।
इमरान के खिलाफ सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि वह अपनी गाड़ी में पुलिस की वर्दी रखता था और ठगी के समय उसे पहनकर लोगों को विश्वास में लेता था। घटना को अंजाम देने के बाद वह अपनी नियमित ड्यूटी पर लौट जाता था, जिससे किसी को शक न हो।
एसएसपी के अनुसार, गिरोह के तीन सदस्य — अतीकुर्रहमान, जावेद और मोहसिन — मौके से फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। गिरफ्तार चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। meanwhile, हेड कांस्टेबल इमरान को विभागीय कार्रवाई के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।










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