नई दिल्ली : कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या के बाद पुलिस क्राइम सीन पर जाकर सीन रिक्रिएट कर सकती है। इसके अलावा मामले से जुड़े सबूत जैसे लैपटॉप और अन्य सामान बरामद किया जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता हिमानी नरवाल की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सचिन के बारे में नए-नए खुलासे हो रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक हत्यारोपी सचिन ने पुलिस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रविवार रात दिल्ली के मुंडका से गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान झज्जर के गांव खैरपुर निवासी सचिन उर्फ ढिल्लों के रूप में हुई है। हिमानी नरवाल की गला दबाकर हत्या करने के बाद आरोपी सचिन ने सारी हदें पार कर दीं। हत्यारे ने हिमानी के हाथों में पहनी अंगूठियां भी उसके शरीर से निकाल लीं। इसके बाद जेवर एक निजी फाइनेंस एजेंसी के पास गिरवी रख दिए।
हालांकि, हत्यारे ने पुलिस को बताया है कि अंगूठी उसने दी थी, लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि होने के बाद ही पुलिस कुछ बताएगी। हिमानी की हत्या के बाद पुलिस क्राइम सीन पर जाकर सीन रिक्रिएट कर सकती है। इसके अलावा मामले से जुड़े सबूत जैसे लैपटॉप और अन्य सामान बरामद किए जाएंगे। इसके अलावा ऑटो रिक्शा और बस चालकों की तलाश की जाएगी। उनसे भी तथ्यों की पुष्टि की जाएगी कि आरोपी सच बोल रहा है या नहीं। साथ ही अन्य मुद्दों पर भी जांच की जाएगी।
हिमानी की हत्या के बाद आरोपी सचिन शव को सूटकेस में रखकर ठिकाने लगाने जाता हुआ सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गया। आरोपी का यह फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है। सचिन हत्या के बाद हिमानी के शव को सूटकेस में रखकर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। वह घर से पैदल ऑटो रिक्शा तक गया।
सचिन 28 फरवरी को हिमानी के घर आया था। दोपहर में पैसों के लेन-देन को लेकर हिमानी और सचिन में विवाद हुआ था। दिन में सचिन नाराज होकर काफी हंगामे के बीच वहां से चला गया, हालांकि वह रोहतक में ही रहा। सचिन शाम करीब 4 बजे फिर से विजय नगर स्थित हिमानी के घर पहुंचा और वहां कुछ देर बात करने के बाद दोनों के बीच फिर से विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच हाथापाई हो गई।
हिमानी ने सचिन को थप्पड़ मार दिया और वह भड़क गया। इससे नाराज होकर उसने चार्जर के तार से हिमानी का गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को बिस्तर पर रजाई से ढक दिया। इसके बाद वह भागने का रास्ता तलाशने लगा। इस दौरान उसकी नजर सूटकेस पर पड़ी। उसमें कुछ कपड़े थे। उसने सूटकेस खाली कर हिमानी का शव उसमें ठूंस दिया। हालांकि, इससे उसके हाथ-पैर बुरी तरह मुड़ गए।
झज्जर के गांव खैरपुर निवासी आरोपी सचिन उर्फ ढिल्लो हिमानी का दोस्त था। दोनों की दोस्ती करीब डेढ़ साल पहले सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर कई दिनों से विवाद चल रहा था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कृष्ण कुमार राव ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 28 फरवरी को विजय नगर स्थित हिमानी नरवाल के घर पर पैसों को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया था।
शाम करीब 5 बजे सचिन ने पहले हिमानी के हाथ उसके दुपट्टे से बांधे और फिर मोबाइल चार्जिंग वायर से उसका गला घोंट दिया। हिमानी ने आरोपियों से खुद को बचाने की काफी कोशिश की थी। इस जद्दोजहद में हिमानी ने सचिन के हाथों को नाखूनों से खरोंचकर भागने की कोशिश की थी।
हिमानी की हत्या करने के बाद सचिन लैपटॉप, जेवर और अन्य सामान लेकर हिमानी की स्कूटी पर झज्जर के गांव कनौदा में अपनी मोबाइल रिपेयर की दुकान पर चला गया। यहां उसने सामान रखा और करीब तीन घंटे तक वहीं रहा। इसके बाद वह उसी स्कूटी पर दोबारा हिमानी के घर पहुंचा।
वहां उसने हिमानी के खून से सने रजाई के कवर को हटाया और अन्य सबूत मिटा दिए। इसके बाद सचिन ने शव को सूटकेस में बंद कर दिया। रात 10 बजे वह ऑटो रिक्शा लेकर आया।
वह ऑटो रिक्शा से दिल्ली बाईपास पहुंचा और वहां से सांपला जाने के लिए बस में सवार हुआ। सचिन ने सूटकेस को सांपला बस स्टैंड के पास दीवार के पास झाड़ियों में फेंक दिया।
हिमानी नरवाल हत्याकांड में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सोमवार को महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। एनएसयूआई अध्यक्ष अमन वशिष्ठ ने कहा कि हिमानी हत्याकांड में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर उसे सख्त सजा दे। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए संगठन उसके साथ खड़ा है। इसी सिलसिले में संगठन कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम को कैंडल मार्च स्थगित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मौन रखा।











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