मुजफ्फरनगर। जनपद में पानीपत-खटीमा हाईवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज होने के साथ ही अब हाईवे के निर्माण में बाधा बने मकानों व दुकानों आदि को हटाने का सिलसिला भी तेज हो गया है। पानीपत खटीमा राजमार्ग के दोनों ओर सड़क के मध्य से 50-50 फुट दूरी तक बने दुकान, मकान व होटल को जल्द ही ध्वस्त करा कर सड़क निर्माण कराया जाएगा। जनपद के कस्बा जानसठ में अधिकारियों की ओर से दुकान, मकान व होटल हटाने को दो दिन का मौखिक समय दिया गया है। इस बीच कस्बे के पूर्व चेयरमैन के नेतृत्व में व्यापारियों ने निशानदेही की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील जानसठ के राजस्व विभाग से जुडी टीम तथा एनएचएआई के अधिकारियों ने कस्बा जानसठ में सड़क की पैमाइश कराई। इसके बाद सड़क के बीच से दोनों ओर 50-50 फुट तक निशानदेही की गई। अधिकारियों ने सभी दुकानदारों, मकान मालिकों और होटल मालिकों को 50-50 फीट की दूरी तक अपना निर्माण हटाने के लिए दो दिन का समय दिया है।
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार शासन की ओर से मुजफ्फरनगर बाईपास से लेकर मीरापुर के मोंटी विलियन होटल तक पानीपत-खटीमा राजमार्ग को अब नेशनल हाईवे बनाया जाएगा। इसका नाम एनएच-709 एडी दिया गया है। मीरापुर के मोंटी विलियन होटल से लेकर गांव सालारपुर तक एनएच-709 एडी बनाने का निर्माण कार्य आधा हो चुका है। मुजफ्फरनगर बाईपास से लेकर गांव कवाल तक भी बीच-बीच में काम पूरा कर दिया गया है।
इस बीच कस्बे के पूर्व चेयरमैन यनेश तंवर ने एनएचएआई के अधिकारियों से मिलकर विरोध जताया। कहा कि जब भी पानीपत-खटीमा राजमार्ग का निर्माण कार्य हुआ, तभी दक्षिण दिशा की ओर से ही अधिक जगह का कटान कराया गया है, जबकि उत्तर दिशा की ओर से अधिक भूमि लेने की आवश्यकता है।









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