मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन (BKU तोमर) अब जिले की सड़कों पर बेरोकटोक दौड़ रहे ओवरलोडेड वाहनों और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ करो या मरो के मूड में है। संगठन ने ऐलान किया है कि कल (29 नवंबर, 2025) से मुजफ्फरनगर में RTO सुशील मिश्रा के ऑफिस पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा।
BKU तोमर वेस्ट के युवा प्रदेश अध्यक्ष अंकित गुर्जर की लीडरशिप में यह विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक तरीके से ध्यान नहीं दिया जाता। यूनियन ने RTO पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ओवरलोडिंग: संगठन का कहना है कि जिले की सड़कों पर ओवरलोड वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे आम जनता और किसान लगातार अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।
भ्रष्टाचार चरम पर: अंकित गुर्जर का दावा है कि परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर पहुँच चुका है। कई क्षेत्रों में ‘महीना’ (अवैध वसूली) बांध कर ओवरलोड वाहनों को खुली छूट दी जा रही है।
आरटीओ की निष्क्रियता: मीडिया प्रभारी वाजिद रजा के अनुसार, खतरनाक हालातों की कई बार जानकारी देने के बावजूद आरटीओ सुशील मिश्रा ने यह कहकर कार्रवाई से किनारा कर लिया कि यह उनका विभागीय कार्यक्षेत्र नहीं है।
भाकियू तोमर ने आरटीओ सुशील मिश्रा के बयानों पर सवाल उठाया है। यूनियन का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए यह कहकर बच निकलते हैं कि उनके पास ‘मात्र एक सिपाही है’ इसलिए वे सख्ती नहीं कर सकते। संगठन ने इसे विभागीय जिम्मेदारियों को दूसरों पर थोपने का प्रयास बताया है।
पश्चिम प्रदेश अध्यक्ष रिहान चौधरी ने किसानों से अपील की है कि यह आंदोलन जनहित और किसान हित से जुड़ा है। उन्होंने 29 नवंबर को सुबह बड़ी संख्या में आरटीओ कार्यालय पर पहुँचकर आंदोलन को मजबूती देने का आह्वान किया है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यह धरना अनिश्चितकालीन होगा, इसलिए किसानों को खाने-पीने की आवश्यक सामग्री साथ लाने की सलाह दी गई है।










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