मुजफ्फरनगर। सावन माह में डाक कांवड़ यात्रा के दौरान तेज गति और लापरवाही के कारण कई स्थानों पर दुर्घटनाएं होती हैं। मंगलवार को जनपद के विभिन्न हिस्सों में कांवड़ियों के वाहन आपस में भिड़े, बाइक फिसलीं और एक दर्दनाक हादसे में दिल्ली निवासी कांवड़िए की मौत हो गई। जिला अस्पताल, पुरकाजी और खतौली में कुल 70 से अधिक कांवड़ियों को इलाज के लिए लाया गया।
जानकारी के अनुसार, आज मंगलवार को पैदल कांवड़िए अपेक्षाकृत कम दिखे जबकि डाक कांवड़ वाहन बड़ी संख्या में दौड़ते नजर आए। भूराहेड़ी बॉर्डर से लेकर शामली की सीमा तक दोपहिया और चौपहिया वाहनों की तेज रफ्तार ने कई जगह संकट पैदा किया।
दिल्ली के रघुवीर नगर निवासी 39 वर्षीय हंसराज की बाइक को सुबह करीब 5 बजे हाईवे बाईपास पर एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। वह हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे थे। उन्हें तुरंत सीएचसी पहुंचाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनकी पहचान जेब से मिले आधार कार्ड से हुई।
हाईवे पर खतौली क्षेत्र में मेरठ के ब्रह्मपुरी निवासी राहुल, हरियाणा के रेवाड़ी निवासी नवीन कुमार, दिल्ली के रितेश कुमार, भूलाटेन पटेल, फलझडिया देवी, और जतिन हादसे में घायल हुए। इनमें से चार को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
दिल्ली-देहरादून हाइवे पर सोमवार रात और मंगलवार को बाइक टकराने की कई घटनाएं हुईं। इनमें दिल्ली के देवेंद्र, झिलमिल, सुनीता, रुद्रा, सन्नी, तुषार, आशीष, हरियाणा के अर्जुन, बलिया निवासी अजीत गुप्ता, तुगलकपुर निवासी अभिषेक सहित कुल 32 कांवड़िए घायल हुए। नीलम, हर्ष और दीपक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया।
कांवड़ यात्रा के दौरान थकावट और बीमारी से भी कई कांवड़ियों को जिला अस्पताल लाया गया। दिल्ली निवासी दिव्यांग पुशांत को रास्ते में मिर्गी का दौरा पड़ गया, जिसे पुरकाजी अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर भर्ती घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने स्टाफ को निर्देश दिए कि हादसे में घायल कांवड़ियों की देखभाल प्राथमिकता से की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।










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