नई दिल्ली : विश्व बैंक ने कहा है कि अगर भारत तकनीक के क्षेत्र में महारत हासिल कर लेता है और उसे कुशलता से बनाता है, तो वह चीन से कम लागत पर इसका उत्पादन कर सकता है। विश्व बैंक के कंट्री डायरेक्टर ऑगस्टे तानो कौमे का कहना है कि भारत के पास बड़ा कार्यबल है, जो उसे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देता है।
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे देशों की आर्थिक वृद्धि बढ़ती है, अन्य कम लागत वाले देशों को उनके मुकाबले प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलती है। ऐसे में अगर भारत किसी तकनीक में महारत हासिल कर लेता है और उसका बड़े पैमाने पर उत्पादन करता है, तो वह चीन से सस्ती दरों पर उत्पाद बेच सकता है और वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत जगह बना सकता है।
तानो कौमे के मुताबिक, हरित तकनीक भारत के लिए बड़ा अवसर है। भारत में पहले से ही हरित ऊर्जा और टिकाऊ तकनीक की मांग बढ़ रही है। अगर भारत इस क्षेत्र में खुद को तेजी से तैयार करता है, तो वह न सिर्फ अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा कर सकता है, बल्कि वैश्विक बाजार में खुद को अग्रणी आपूर्तिकर्ता के तौर पर भी स्थापित कर सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत को इस बात का भरोसा होना चाहिए कि उसके कई देशों के साथ अच्छे व्यापारिक संबंध हैं। अगर भारत कम लागत पर उत्पादन कर सके और कुशलता से विनिर्माण कर सके, तो वह एक बड़ा निर्यातक बन सकता है। हालांकि, इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भारत को कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
भारत की आबादी तेजी से बढ़ रही है और इसके साथ ही अधिक नौकरियों की जरूरत भी बढ़ रही है। अगर पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं सृजित किए गए, तो यह देश की आर्थिक वृद्धि और सामाजिक समावेशन में बड़ी बाधा बन सकता है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय आर्थिक वृद्धि दर्ज की है। कौमे के अनुसार, पिछले 3-4 वर्षों में भारत की औसत वृद्धि दर 7% से अधिक रही है, जो कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद मजबूत बनी हुई है।











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