इंदौर। स्विट्जरलैंड तक का शैक्षणिक सफर तय करने वाली इंदौर की पीएचडी स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनकी निजी ज़िंदगी और राजनीतिक अनुभव है। डॉ. रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर नगीना से सांसद और भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चंद्रशेखर ने कई साल तक उनके समर्पण और भरोसे का राजनीतिक लाभ उठाया और फिर उन्हें पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर दिया। भीम आर्मी ने रोहिणी के आरोपों को बीजेपी की साज़िश करार दिया है।
डॉ. रोहिणी ने पोस्ट में लिखा— “यह चंद्रशेखर की विक्टिम नंबर 3 है।” इसके बाद उन्होंने कई अन्य पोस्ट साझा किए, जिनमें उन्होंने अपने और चंद्रशेखर के बीच लंबे समय तक चले संबंधों की बात कही।
उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन से जुड़ने के दौरान वह भारत के सफाईकर्मियों की आवाज़ वैश्विक मंच तक पहुंचाना चाहती थीं। इसी कड़ी में उनकी मुलाकात चंद्रशेखर से हुई। चूंकि चंद्रशेखर की छवि उस वक्त वाल्मीकि
समाज और बहुजन वर्ग के लिए सकारात्मक थी, उन्होंने उनके माध्यम से इस अभियान को आगे बढ़ाना चाहा। बातचीत का सिलसिला बढ़ा और दोनों करीब साढ़े तीन से चार साल तक रिलेशनशिप में रहे।
डॉ. रोहिणी के मुताबिक, नवंबर 2023 में, जब चंद्रशेखर सांसद बनने की ओर अग्रसर थे, उनका व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उन्होंने रोहिणी को साइडलाइन कर दिया और हर स्तर पर अनदेखी शुरू कर दी।
रोहिणी ने कहा— “मैं हर फैसले में उनके साथ थी, चाहे वह नगीना को संसदीय क्षेत्र के तौर पर चुनने की बात हो या कुछ और। मगर सांसद बनने के बाद उन्होंने मुझे छोड़ दिया। लगता है तीन साल तक उन्होंने सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे के लिए मुझे इस्तेमाल किया। ये चोट मेरे आत्मसम्मान पर है और मैं इसका बदला लेकर रहूंगी।”
उन्होंने यह भी लिखा कि वह अब तक अपनी मां की सलाह पर चुप थीं, जिन्होंने कहा था कि “ईश्वर की सज़ा सबसे बड़ी होती है।” लेकिन अब वह अपने आत्मसम्मान के लिए सामने आई हैं।
रोहिणी ने कुछ देर पहले एक और पोस्ट किया है जिसमे लिखा है -जिस तरह से भीम आर्मी के अनपढ़ गुंडे मेरा सोशल मीडिया पर सार्वजनिक चीरहरण कर रहे है, सोचो इंडिया में होती तो अब तक हत्या हो गई होती मेरी !!
इसलिए आज तक कोई लड़की लड़ नहीं पायी !! मैं स्विट्जरलैंड में हूँ तो सेफ हूँ लेकिन मुझे मेरे परिवार की चिंता है यह किसी भी हद तक जा सकते है !!
बहुजन एकता का ढोंग करने वालो के नक़ाब उतर रहे है वाल्मीकि समाज की बेटी की इज्जत यह कभी नहीं कर सकते ! ! बाबा साहब का नाम Use करने वाले कलंकित लोग !!
रोहिणी के इन पोस्ट्स के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। वहीं, चंद्रशेखर आज़ाद की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रजत निठारिया ने इसे बीजेपी की साज़िश करार दिया है। उन्होंने बताया कि यह महिला कई महीने से श्री आज़ाद के खिलाफ अनर्गल मुहिम चला रही है, यह बीजेपी का दलित आवाज को दबाने का कुत्सित प्रयास है।











Discussion about this post